पिथौरागढ़। उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में गंभीर बीमार शिक्षकों और वरिष्ठ कार्मिकों की ड्यूटी दूरस्थ और दुर्गम स्थलों पर लगाने का विरोध किया है।
संघ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह वल्दिया और मंत्री जेपी वर्मा ने प्रेस को जारी बयान में कहा है कि शिक्षक संघ ने पूर्व में कई बार लिखित और मौखिक रूप से एनआईसी के उपनिदेशक को स्थिति की जानकारी दी थी। इसके बावजूद पंचायत चुनावों में बीमार शिक्षकों की दुर्गम क्षेत्रों में ड्यूटी लगा दी गई। इनमें कुछ शिक्षक हार्ट सर्जरी के भी हैं। जिलाध्यक्ष ने कहा है कि दुर्गम क्षेत्रों में बीमार शिक्षकों या कर्मियों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो सकती है। उन्होंने कहा है कि यदि शिक्षकों और वरिष्ठ कार्मिकों के साथ स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होती है तो इसके लिए संबंधित अधिकारी जिम्मेदार रहेंगे। इस संबंध में एनआईसी के उप निदेशक गौरव कुमार का कहना है कि पंचायत चुनावों को सकुशल ढंग से संपन्न कराना महत्वपूर्ण है। पंचायत चुनाव संपन्न कराने को लेकर कर्मचारियों की कमी बनी है। गंभीर रूप से बीमार या दिव्यांग कर्मचारियाें को ड्यूटी से राहत दी गई है। मतदान केंद्रों का आवंटन रेंडमाइजेशन के आधार पर किया गया है। संवाद