पंचेश्वर बांध के विरोध में झूलाघाट में पुतला दहन करते टैक्सी चालक
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पंचेश्वर बांध का विरोध अब और तेज होने लगा है। बृहस्पतिवार को इलाके के कई टैक्सी चालकों ने सरकार का पुतला फूंका और टैक्सी के लिए लिया गया सारा बैंक कर्ज माफ करने को कहा। टैक्सी चालकों के सामने भी रोजगार को लेकर अनिश्चय की स्थिति पैदा हो गई है। सैकड़ों युवाओं ने रोजगार के लिए टैक्सियां खरीदी हैं। टैक्सी चालकों का कहना है कि बांध के डूब क्षेत्र में झूलाघाट समेत पूरा इलाका आ रहा है, इससे उनका रोजगार प्रभावित होगा।
महाकाली की आवाज संगठन के बैनर तले एकत्रित झूलाघाट टैक्सी यूनियन के सदस्यों ने सरकार पर रोजी-रोटी को छीनने का आरोप लगाते हुए पुतला दहन किया। टैक्सी संचालक जगदीश भट्ट ने कहा कि यहां के लोगों ने स्वरोजगार के लिए बैंक से कर्ज लेकर कार और टैक्सियां खरीदी हैं। सरकार बांध बनाकर लोगों को बेरोजगार करने की तैयारी में है। टैक्सी मालिक गुड्डी थापा ने कहा कि सरकार उनकी आजीविका छीनकर लोगों को डुबाने जा रही है। ऐसा बिल्कुल नहीं होने दिया जाएगा। पुतला फूंकने वालों में संगठन के संयोजक नरेश सिंह, जीवन प्रसाद, नीतीश प्रसाद, दिनेश वागले, अंशू चंद, हरीश, देवेंद्र, धर्मानंद आदि शामिल थे।
नेपाल में भी बांध का विरोध शुरू
बैतड़ी/झूलाघाट (पिथौरागढ़)। महाकाली नदी से सटे नेपाल के दार्चुला और बैतड़ी जिलों में भी बांध का विरोध शुरू हो गया है। नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के दार्चुला एवं बैतड़ी के कार्यकर्ताओं ने दोनों जिलों के गोकुलेश्वर और गोठलापानी में विरोध-प्रदर्शन किए। नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी विप्लव गुट के अध्यक्ष कविराज, जीवन विद्यार्थी, वीरेंद्र बिक, राम सिंह, मोहन देव ने कहा कि नेपाल और भारत के मध्य हुई महाकाली संधि, पंचेश्वर बांध और कोसी संधि का उनकी पार्टी विरोध करती है, अगर तीन महीने के भीतर नेपाल सरकार इन सभी संधियों को खारिज नहीं करती है तो पार्टी के लोग देश में सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करेंगे।