तवाघाट लिपुलेख सड़क पर भूस्खलन
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सड़क चौड़ीकरण के दौरान तपोवन के पास पहाड़ी दरकने से टनकपुर-तवाघाट-लिपुलेख मोटर मार्ग बंद हो गया है। विशाल चट्टानें सड़क पर आने से चीन सीमा सहित व्यास, दारमा और चौदास क्षेत्र के 60 से अधिक गांवों का शेष जगत से संपर्क कटा है। वहीं गर्बाधार में सड़क तीन दिन से बंद है। इसके चलते नेपाल, चीन सीमा पर सुरक्षा में तैनात सेना और अर्द्धसैनिक बलों के जवानों के साथ ही सीमावर्ती गांवों के लिए आवाजाही करने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं।
इन दिनों बलुवाकोट से तवाघाट तक राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। हिलवेज कंपनी सड़क कटिंग का कार्य कर रही है। रविवार सुबह सड़क कटिंग के दौरान तपोवन के पास चट्टान अचानक दरक गई। पोकलैंड से सड़क कटिंग कर रहे ऑपरेटर नंदन सिंह ने कूदकर जान बचाई। चट्टानों की चपेट में आने से पोकलैंड भी सड़क पर पलटकर क्षतिग्रस्त हो गई।
सामरिक महत्व की इस सड़क के बंद होने से धारचूला से आगे के गांवों का भी संपर्क कट गया है। सेना के जवानों, बीआरओ सहित स्थानीय गांवों के लोगों को पैदल ही आवाजाही करनी पड़ रही है। सड़क बंद होने की सूचना पर धारचूला के एसडीएम दिवेश शाशनी और कोतवाल केएस रावत ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। सड़क से बोल्डरों को हटाने का काम चल रहा है।
चीन सीमा को जोड़ने वाली सड़क तीन दिन से बंद
लगातार हो रही बारिश के कारण शुक्रवार को गर्बाधार में बंद लिपुलेख मोटर मार्ग पर रविवार को भी वाहनों का संचालन नहीं हुआ। बीआरओ ने सड़क खोलने के लिए जेसीबी लगाई है। बर्फबारी और बारिश के बीच पहाड़ी से पत्थर लगातार गिरने के कारण सड़क को खोलना चुनौती बना है।
सड़क बंद होने से सेना, सीमा सड़क संगठन सहित स्थानीय लोगों के टैक्सी वाहन मार्गों पर ही फंसे हैं। कड़ाके की ठंड के बीच सड़क बंद होने से सेना, अर्द्धसैनिक बलों के जवानों के साथ ही स्थानीय लोगों को मुश्किलें उठानी पड़ रही हैं। गुंजी के प्रधान सुरेश गुंज्याल और जमन सिंह बिष्ट ने बताया कि सड़क को बंद हुए तीन दिन हो चुके हैं जिस कारण काफी दिक्कतें हो रही हैं। सामरिक महत्व के इस मोटर मार्ग पर सोमवार सुबह से यातायात सुचारु होने की उम्मीद जताई जा रही है।