वर्तमान में बदहाल टनकपुर-जौलजीबी सड़क। संवाद
पिथौरागढ़। चीन सीमा से जुड़ी टनकपुर-जौलजीबी सड़क का कार्य अंतिम चरण में है। झूलाघाट से जौलजीबी तक सड़क का कार्य जून में पूरा हो जाएगा। वर्तमान में विभाग की ओर से दुर्गम चट्टानों को काटने का कार्य कराया जा रहा है।
बता दें कि टनकपुर से रूपाली गाड़ तक 55 किलोमीटर का कार्य पूरा हो गया है। इस सड़क पर अभी तीन पुल बनने हैं जिनका कार्य तेजी से चल रहा है। पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता विवेक प्रताप सिंह ने बताया कि झूलाघाट से जौलजीबी तक 23 करोड़ की लागत से 27 किलोमीटर सड़क का कार्य तेजी से चल रहा है। यह सड़क पहले लोनिवि के पास थी। अब सड़क का अपग्रेडेशन चल रहा है।
उन्होंने बताया कि झूलाघाट से जौलजीबी तक पांच पुल बनने हैं। इनमें से चार छोटे और एक बड़ा पुल बनना है। इनके टेंडर हो गए हैं। कॉज-वे का कार्य भी किया जाना है। जून तक सड़क का कार्य पूरा हो जाएगा। वर्तमान में सड़क पर यातायात तो जारी है लेकिन यह काफी बदहाल है। ड्योड़ा के बीडीसी त्रिलोक सिंह बिष्ट, पूर्व प्रधान राम सिंह ने बताया कि लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं।
इन गांवों को होगा फायदा
टनकपुर-जौलजीबी सड़क बनने से काली नदी किनारे लगे गांवों को फायदा होगा। अभी यह गांव उपेक्षित हैं। सड़क बनने से रणुवा, द्वालीसेरा, घिंघरानी, जमतड़ी, सुनखोली, तीतरी, बगड़ीहाट, जोग्यूड़ा समेत 12 गांवों को सुविधा होगी। इसके अलावा काली नदी किनारे लगे गांवों को पर्यटन सुविधा भी मिलेगी। सड़क बनने से सामरिक महत्व को भी बढ़ावा मिलेगा।