वन्य जीव तस्करी रोकने के लिए उठाएंगे सख्त कदम
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भारत-नेपाल के सुरक्षा बलों ने वन्य जीवों के तस्करी की सूचनाओं का आदान-प्रदान करने और तस्करों पर शिकंजा कसने के लिए सख्त कदम उठाने का फैसला लिया है। नेपाल के दार्चुला जिला अंतर्गत खलंगा में नेपाल सरकार के वन विभाग की ओर से अपि नंपा संरक्षित क्षेत्र समिति की ओर से आयोजित बैठक में भारत-नेपाल के कई अधिकारी और सुरक्षा एजेंसियों के अफसरों ने भाग लिया।
नेपाल के दार्चुला जिलाधिकरी मोहन दास जोशी ने कहा कि वर्तमान में वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ ही वन्यजीवों के तस्करों पर नकेल कसना बेहद जरूरी हो गया है। ऐसे अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए भारत एवं नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों को मिलजुल कर कार्य करने की आवश्यकता है। अपि नंपा संरक्षित क्षेत्र समिति के प्रमुख चक्कर बहादुर चंद ने कहा कि अब सुदूर सीमांत में भी संचार सुविधाएं होने से तस्करों पर अंकुश लगाने के लिए स्थानीय लोगोें को खुफिया सूचना के लिए जोड़ा जा रहा है, जिससे तस्करों की गतिविधियों की गोपनीय जानकारी मिल पाएगी। बैठक में भारत एवं नेपाल के अधिकारियों ने समान रूप से वन्यजीव तस्करी को खत्म करने पर सहमति जताई।
बैठक में भारत एवं नेपाल के रोजमर्रा के कई मुद्दों पर भी चर्चा हुई। इस दौरान नेपाली सशस्त्र सेेना बल के उपाधीक्षक चंद्र देव भट्ट, नेपाल पुलिस के उपाधीक्षक सुशील राठौर, पिथौरागढ़ के एडीएम मो. नासिर, धारचूला के एसडीएम संतोष कुमार, सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी, गोविंद बल्लभ पंत पर्यावरण एवं विकास संस्थान अल्मोड़ा के पदाधिकारी, वरदान सेवा संस्था की सुमन वर्मा आदि उपस्थित थे।