बस्तड़ी आपदा में मारे गए लोगों का स्मृति पटल
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30 जून को आई दैवी आपदा में बस्तड़ी गांव के 21 लोगों की मौत हुई थी। उनकी याद में गांव के ही युवाओं ने अपने संसाधनों से बस्तड़ी गांव के पास एक स्मृति पटल का निर्माण किया है। जब यह स्मृति पटल बना तो लोग भावुक हो गए। अब बिछड़े लोगों की स्मृति सिर्फ इसी पटल में रह गई है।
बस्तड़ी गांव के लोगों ने खुद इस स्मृति पटल को तैयार किया और संयुक्त रूप से बुधवार को इसका अनावरण किया। इस दौरान गांव के सभी लोगों की आंखें नम हो गई। गांव के लोग 30 जून के उस खौफनाक मंजर की याद कर सिहर जाते हैं। आपदा ने गांव वालों का सब कुछ छीन दिया था। इस स्मृति पटल को बनाने में उत्तराखंड पुलिस में कार्यरत इसी गांव के दीप भट्ट ने काफी योगदान दिया है। बस्तड़ी के सामाजिक कार्यकर्ता शंकर दत्त भट्ट ने कहा कि युवाओं की इस पहल का सभी ने स्वागत किया है।
आपदा में सबसे ज्यादा नौजवानों को ही जिंदगी से हाथ धोना पड़ा। स्मृति पटल के पास आपदा के शिकार लोगों के फोटोग्राफ भी रखे गए हैं। स्मृति पटल में हर मृतक का नाम अंकित है। गांव के लोगों का कहना है कि समय-समय पर स्मृति पटल के पास श्रद्धांजलि कार्यक्रम होंगे। उन्होंने कहा कि यह स्मृति पटल आने वाली पीढ़ी को खौफनाक हादसे की याद दिलाता रहेगा।