पिथौरागढ़ कलक्ट्रेट स्थित कार्यालयों का निरीक्षण करते कुमाऊं आयुक्त
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कुमाऊं आयुक्त चंद्रशेखर भट्ट ने बजट खर्च में देरी पर पर्यटन, लोनिवि, चिकित्सा, सिंचाई, लघुडाल, वन विभाग, कृषि आदि विभागों को कड़ी फटकार लगाई है। उन्होंने चेताया कि विभाग समय से बजट खर्च न कर सकें तो सरेंडर कर दें। चेताया कि इस बार समय से बजट खर्च न करने वाले महकमों को अगले वित्तीय वर्ष बजट नहीं दिया जाएगा।
बृहस्पतिवार को पिथौरागढ़ दौरे पर आए आयुक्त ने कलक्ट्रेट मेें विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान विभागों के लचर प्रदर्शन पर नाराजगी जताई। उन्होंने 20 मार्च से पहले हर हाल में बजट खर्च करने की हिदायत दी। साथ ही चेताया कि देरी पर संबंधित विभागों के मुखिया को प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी। समीक्षा के दौरान उन्होंने सीडीओ के साथ ही टास्क फोर्स से सभी निर्माण कार्यों की सघन जांच के निर्देश दिए। साथ ही गुणवत्ता से समझौता करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई को कहा।
उन्होंने वन अधिनियम के पेच को देखते हुए अधिकारियों से अबाधित योजनाओं का ही प्रस्ताव बनाने को कहा। इसके साथ ही रेशम, सहकारिता, मत्स्य, पर्यटन, दुग्ध विकास आदि विभागों को अपनी गतिविधियां बढ़ाने को कहा। इस दौरान सीडीओ वंदना सिंह, एडीएम मुहम्मद नासिर, एसडीएम सदर संतोष पांडेय, गंगोलीहाट के विवेक प्रकाश, बेड़ीनाग के एस सैनी, मुख्य कोषाधिकारी पंकज कुमार शुक्ला आदि थे।
अदालत में नियमित रूप से बैठें एसडीएम
आयुक्त ने राजस्व अदालतों में सालों से लंबित प्रकरणों पर चिंता जताई। कहा कि इससे जनता का अदालतों पर विश्वास कम होगा। उन्होंने एसडीएम को अदालतों में नियमित रूप से बैठने के निर्देश दिए। उन्होंने दो साल से अधिक समय से लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने को कहा। आयुक्त ने राजस्व समीक्षा के दौरान अब तक महज 66 फीसदी वसूली पर नाराजगी जताई। मार्च के आखिर तक सौ फीसदी वसूली को कहा। इससे पहले जिला कार्यालय और कोषागार के निरीक्षण के दौरान अभिलेखों के सही रखरखाव और सफाई पर ध्यान देने की नसीहत दी।
कोषागार के कबाड़ पर भड़के आयुक्त
निरीक्षण के दौरान कोषागार में अप्रयुक्त सामग्रियों का ढेर देखकर आयुक्त भड़क उठे। इस लापरवाही पर कोषाधिकारी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने अप्रयुक्त सामग्री को जल्द निस्तारित करने को कहा।