पिथौरागढ़। पांच लाख की आबादी वाले सीमांत जिले के मरीजों को ऑपरेशन की सुविधा अब नए साल में ही मिलेगी। जिले के एकमात्र मुख्य सर्जन डॉ. एलएस बोरा के अवकाश पर जाने से अस्पताल में सर्जरी संबंधी कोई भी इलाज नहीं होगा। डॉ.बोरा 10 जनवरी 2023 तक अवकाश पर हैं। ऐसे में आपात स्थिति में मरीजों को जांच या सर्जरी के लिए हल्द्वानी या अन्य शहरों की दौड़ लगानी पड़ेगी।
पिथौरागढ़ जिले में वर्तमान में केवल जिला अस्पताल में ही एकमात्र सर्जन डॉ.एलएस बोरा तैनात हैं। डॉ.बोरा 21 से 24 दिसंबर तक यूनिवर्सिटी मेडिकल ग्राउंड मुंबई में एडवांस सर्जरी के नए तरीकों पर होने वाली चर्चा में शामिल रहेंगे। इसके बाद 10 जनवरी तक अवकाश में रहेंगे। 11 जनवरी को अस्पताल में ज्वाइन करेंगे।
वहीं मंगलवार को सर्जन कक्ष के बाहर डॉक्टर के अवकाश पर होने की जानकारी चस्पा होने के बाद अस्पताल पहुंचे मरीज निराश लौटे। जिले के एकमात्र सर्जन के पास जिला मुख्यालय समेत मुनस्यारी, धारचूला, डीडीहाट, कनालीछीना, बेड़ीनाग, गंगोलीहाट, मूनाकोट, विण समेत नेपाल क्षेत्र के मरीज भी इलाज के लिए आते हैं। अब मरीजों को 10 जनवरी 2023 तक इंतजार करना होगा। गंभीर मरीजों को बाहरी जिलों की दौड़ लगानी पड़ेगी।
डॉ. रजवार पर जिम्मेदारी बढ़ी
पिथौरागढ़ जिला अस्पताल के मुख्य फिजिशियन डॉ. डीएस धर्मशक्तू अवकाश पर हैं। वह बृहस्पतिवार से अस्पताल में मरीजों को देखेंगे। उनके अवकाश पर जाने से इमरजेंसी में तैनात डॉ. एमसी रजवार पर इमरजेंसी के साथ ही अस्पताल आने वाले मरीजों की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। बुखार समेत अन्य बीमारियों से परेशान लोग इमरजेंसी में ही जांच के लिए पहुंच रहे हैं। अस्पताल के तीसरे वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एसएस कुंवर भी अवकाश पर हैं। वह इस माह के अंतिम सप्ताह में ड्यूटी ज्वाइन करेंगे। संवाद
चर्म रोग विशेषज्ञ भी अवकाश पर
पिथौरागढ़। जिला अस्पताल में तैनात एक मात्र चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. मृगांक शुक्ला 22 दिसंबर तक अवकाश पर हैं। वह पारिवारिक काम से 20 दिसंबर से अवकाश पर हैं। उनके अवकाश पर जाने से चर्म संबंधी मरीजों को निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। संवाद