सूबेदार चामू सिंह बोरा की फाइल फोटो।
पिथौरागढ़। पाकिस्तान के खिलाफ दो युद्ध लड़ने वाले रिटायर्ड सूबेदार चामू सिंह बोरा का 85 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। झूलाघाट स्थित घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनकी बेटियों ने चिता को मुखाग्नि दी।
मूल रूप से जिले के विसखोली गांव निवासी सूबेदार चामू सिंह बोरा वर्तमान में सरस्वती विहार काॅलोनी में रहते थे। पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ सूबेदार बोरा ने शनिवार रात अंतिम सांस ली। रविवार को झूलाघाट स्थित घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
सूबेदार बोरा की पांच बेटियां हैं। पिथौरागढ़ में रहने वाली सुनीता, शोभा और गीतांजलि ने अर्थी को कंधा दिया। घाट पर तीनों बेटियों और उनके चचेरे भाई लक्ष्मण सिंह बोरा, राजेंद्र सिंह बोरा ने चिता को मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा में उनके गांव से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
उनके दामाद भुवन रावत ने बताया कि सूबेदार चामू सिंह बोरा सेना की एएमसी में तैनात थे। उन्होंने पाकिस्तान के साथ वर्ष 1965 और 1971 के युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके निधन पर पूर्व सैनिक संगठन, जनमंच सहित तमाम संगठनों ने गहरा दुख व्यक्त किया है।