पिथौरागढ़ में विश्वविद्यालय नहीं तो वोट नहीं के पोस्टरों के साथ छात्र।
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सीमांत जिले में विश्वविद्यालय की मांग की अनदेखी करने से छात्र समुदाय आक्रोशित है। छात्रों ने प्रदेश के चुनाव आयोग का ज्ञापन भेज विश्वविद्यालय की मांग को लेकर चलाए जा रहे आंदोलन में लोकसभा चुनाव का बहिष्कार, धरना-प्रदर्शन, पर्चा वितरण, जनसंपर्क और रैली के लिए अनुमति दिए जाने की मांग उठाई है।
जिलाधिकारी के माध्यम से भेजे ज्ञापन में कहा है कि पिछले एक माह से अधिक समय से छात्रसंघ छात्र शक्ति, सामाजिक संगठनों के साथ पिथौरागढ़ में विश्वविद्यालय खोले जाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहा है।
जनता ने मांग को जायज ठहराते हुए आंदोलन में भागीदारी का संकल्प लिया है। कहा है कि सरकार द्वारा सीमांत जनपद की निरंतर अनदेखी के चलते छात्रसंघ चुनाव का बहिष्कार करने को बाध्य हुआ है। कहा है कि छात्रसंघ आचार संहिता में भी जनसंपर्क, पर्चा वितरण, धरना-प्रदर्शन, रैली आदि आयोजित करता रहेगा। इसका मकसद सीमांत जनपद के हकों की निरंतर चल रही अनदेखी के खिलाफ आवाज उठाना और राज्य सरकार को विश्वविद्यालय की स्थापना के निर्देश जारी करने के लिए बाध्य करना है। कहा है कि उनका यह कदम सीमांत के युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए आवश्यक है।
छात्रसंघ ने चुनाव बहिष्कार और आचार संहिता के समय में आंदोलन के कार्यक्रमों के लिए अनुमति देने की मांग उठाई है। ज्ञापन में छात्रसंघ अध्यक्ष राकेश जोशी, पूर्व अध्यक्ष महेंद्र रावत, मुकेश चंद, धीरज जोशी, रवीना कोहली, किशोर जोशी के हस्ताक्षर शामिल हैं।