थल-लेजम सड़क के लकड़ीगाड़ में इस तरह हो रहा आवागमन
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थल से लेजम के लिए 18 वर्ष पहले बनी सड़क परेशानी की वजह बन गई है। यहां सड़क तो बना दी, लेकिन रास्ते पर पड़ने वाले गधेरे में पुल नहीं बनाया। बरसात को छोड़कर अन्य दिनों गधेरे से वाहनों की आवाजाही होती है, लेकिन बरसात में जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ती है।
लोनिवि ने वर्ष 2000 में थल से लेजम तक चार किमी सड़क का निर्माण किया। लकड़ीगाड़ नामक स्थान पर पुल का निर्माण किया जाना था, लेकिन पुल के अबटमेंट बनाकर छोड़ दिया। नालियां न होने से कच्ची सड़क पर कीचड़ फैला रहता है। रखरखाव के अभाव में सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई है। हर बरसात में सड़क पर आवाजाही बंद रहती है। इस बार भी जून से सड़क पर आवाजाही ठप है। राजकीय हाईस्कूल आमथल जाने वाले विद्यार्थियों को तीन किमी पैदल चलना पड़ रहा है। लकड़ीगाड़ में आवागमन खतरनाक बना है।
शिक्षक गुलशन सिंह नेगी और विनोद सिंह भैसोड़ा रोज सुबह छात्र-छात्राओं का हाथ पकड़कर उन्हें खतरनाक गधेरा पार कराते हैं। प्रधानाचार्य लक्ष्मण सिंह खाती ने बताया कि आवागमन ठप होने से वह स्कूल तक अपना निजी वाहन नहीं ले जा पा रहे हैं। उन लोगों को तीन किमी की पैदल दूरी तय करनी पड़ रही है। लोगों ने लोनिवि से सड़क की दशा सुधारने के साथ ही लकडीगाड़ में पुल बनाने की मांग की है। लोनिवि के एई एमसी पांडे ने बताया कि जिला योजना से 19 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं, जल्द ही काम शुरू किया जाएगा।