छात्रों ने कक्षाओं का बहिष्कार कर बीईओ को घेरा
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शिक्षकों की कमी के चलते जीआईसी चिटगल में 20 विद्यार्थियों ने कक्षा 12 में नाम कटा लिया है।
स्कूल में 11वीं कक्षा में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। अव्यवस्था से नाराज जीआईसी के विद्यार्थी कक्षाओं का बहिष्कार कर अभिभावकों के साथ 12 किमी पैदल चलकर खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय पहुंचे और दो घंटे तक खंड शिक्षाधिकारी का घेराव किया। शिक्षक न मिलने पर विद्यार्थियों और अभिभावकों ने आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
लोगों और विद्यार्थियों ने सरकार और शिक्षा विभाग पर छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए लगातार दो घंटे तक नारेबाजी की। कहा कि जीबल, अग्रोन, कूंचा, गुलागांव समेत 10 गांवों के छात्रों को कक्षा 12 तक की शिक्षा देने के लिए खोले गए चिटगल के राजकीय इंटर कॉलेज में 8 प्रवक्ताओं में से एक भी तैनात नहीं है। एलटी के चार शिक्षकों के भरोसे चिटगल जीआईसी चल रहा है। 12वीं के विद्यार्थियों ने स्कूल से नाम कटाकर गंगोलीहाट और दशाईथल के स्कूलों में दाखिला ले लिया है। हाईस्कूल पास करने वाले विद्यार्थियों को शिक्षकों की कमी के कारण 11वीं में प्रवेश नहीं मिल पा रहे हैं।
पीटीए अध्यक्ष नीमा पंत, दानी राम, हेमा देवी, चंद्रा पंत, काजल महरा, रेखा पंत, नीरज राम आदि ने खंड शिक्षाधिकारी योगेश महरा के सामने रोष जताते हुए कहा कि शिक्षक नहीं मिले तो जिला शिक्षाधिकारी कार्यालय का घेराव किया जाएगा। इसके साथ ही अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा। मुख्य शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार जुकरिया का कहना है कि शिक्षकों की कमी की रिपोर्ट हर महीने शिक्षा निदेशालय को भेजी जाती है। उन्होंने कहा कि चिटगल में कुछ शिक्षकों की व्यवस्था की जाएगी।