पिथौरागढ़। जिला पंचायत ने जनसुरक्षा के लिए कुत्तों से बचाव का ऐसा निर्णय लिया है जो लोगों के गले नहीं उतर रहा। जनपद में लावारिस कुत्तों के काटने की घटनाएं हो रहीं है और जिला पंचायत गांवों में पालतू कुत्तों को एंटी रेबीज टीके लगाने की कवायद में जुटा है।
जिला पंचायत ने गांवों में पालतू कुत्तों का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। पंजीकरण के दौरान स्वामी को अपना नाम, पता, संपर्क देने के साथ ही कुत्ते को एंटी रेबीज टीकाकरण कराए जाने की जानकारी भी साझा करनी होगी। जिले भर में लावारिस कुत्तों के झुंड बेखौफ घूम रहे हैं और जिला पंचायत ने जनसुरक्षा के लिए पालतू कुत्तों को लक्ष्य बनाया है। धारचूला विकासखंड में लावारिस कुत्ते के काटने से दो बच्चों में रेबीज संक्रमण हुआ था जिससे दोनों की मौत हो गई थी।
इसके अलावा जिले भर में आवारा कुत्तों के काटने की घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में जिला पंचायत का यह निर्णय हैरान परेशान करने वाला है। सवाल खड़ा हो रहा है कि एसीबी के नियम और सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद भी प्रशासन लावारिस कुत्तों के बधियाकरण और टीकाकरण के लिए प्रभावी कदम नहीं उठा रहा है।