बंगापानी में शराब के खिलाफ आयोजित सभा में मौजूद लोग।
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बेड़ीनाग तहसील के दशौली गांव में शराब के खिलाफ मुहिम के बाद अब बंगापानी में भी लोग अवैध शराब के खिलाफ एकजुट हो गए हैं। मंगलवार को महिलाओं और छात्रों ने कस्बे में रैली निकालकर शराबियों और शराब के धंधेबाजों से आज से ही शराब पीना और पिलाना बंद करने की चेतावनी दी।
यहां हुई सभा में वक्ताओं ने कहा गया कि अवैध शराब ने बंगापानी का माहौल खराब कर दिया है। आपराधिक घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। कहा कि बंगापानी में सरकारी ठेके की कोई भी शराब की दुकान नहीं है इसके बावजूद भी क्षेत्र में प्रचुर मात्रा में शराब मिल रही है। अवैध रूप से शराब को जौलजीबी और मुनस्यारी से वाहनों में ढोकर लाया जाता है। शराब के खिलाफ कस्बे में पहली बार आवाज उठी। इसमें महिलाएं और स्कूलों के बच्चे भी शामिल हुए। अब यह तय किया गया है कि जो व्यक्ति शराब का अवैध धंधा करते पकड़ा जाएगा उसकी शिकायत सीधे पुलिस में की जाएगी। यदि किसी ने शराब बेचने की कोशिश की तो उसे सबक सिखाया जाएगा।
शराब के खिलाफ पहली बार यहां इतनी एकजुटता दिखाई दी। इसमें शहीद भीम सिंह विद्यामंदिर, फास्ट ग्रोइंग एकेडमी के छात्रों के अलावा व्यापारी, पंचायत प्रतिनिधि, महिलाएं शामिल हुई। महिलाओं ने कहा कि शराब के कारण यहां का माहौल खराब हो रहा है।
परिवारों में अशांति होने लगी है। कस्बे में आए दिन लड़ाई झगड़े हो रहे हैं। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य निर्मला महर ने कहा कि यह अभियान काफी पहले शुरू हो जाना चाहिए था लेकिन अब लोगों की चेतना जागी है तो इसे मुकाम तक पहुंचाया जाएगा। शराबियों और शराब के धंधेबाजों को खुली चेतावनी दी गई है कि आज ही से इसे बंद कर दें। वरना ठीक नहीं होगा। सभा में दीवानी राम, क्षेत्र पंचायत सदस्य भगत मेहरा, नंदन बथियाल, व्यापार संघ अध्यक्ष हुकम धामी आदि ने विचार रखे। सभा में तय किया गया कि अब अवैध शराब के खिलाफ कस्बे में छापामार अभियान चलाया जाएगा।