लुंठ्यूड़ा मोहल्ले में 19 दिसंबर की शाम दो महिलाओं पर तेजाब फेंककर फरार हुआ आरोपी गुड्डू अब तक पुलिस की पकड़ में नहीं आया है। पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए छह टीमों का गठन किया है और रात-दिन आरोपी की तलाश में जगह-जगह छापे मारे जा रहे हैं। पुलिस का मानना है कि आरोपी को किसी ने अपने घर पर छिपा दिया होगा। इसी कारण कई संभावित घरों में भी पुलिस पहुंच रही है। पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि जघन्य कांड से इस आरोपी को पकड़ने में सहयोग दें।
एसपी अजय जोशी ने 19 दिसंबर की रात से ही आरोपी को पकड़ने के लिए टीमों का गठन कर दिया था। कोतवाली पुलिस, एसओजी और जाजरदेवल थाना पुलिस को यह काम सौंपा गया है। सीओ शेखर सुयाल ने बताया कि गुड्डू को पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें लोहाघाट और पीलीभीत भी भेजी गई है। गुड्डू मूल रूप से पीलीभीत के कबीरखां मोहल्ले का रहने वाला है और इन दिनों वह लोहाघाट में पेंटर का काम करता है। वह बीच-बीच में पिथौरागढ़ आता रहता है। घटना को अंजाम देने से एक-दो दिन पहले से वह पिथौरागढ़ में था। वह लुंठ्यूड़ा मोहल्ले में रहने वाली परवीन पत्नी शकीर अहमद को सबक सिखाने के लिए योजना बनाने में जुटा था। सीओ ने बताया कि गुड्डू को जल्दी पकड़ लिया जाएगा और जिस व्यक्ति ने उसे अपने घर पर छिपाया होगा, उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उधर, जिला अस्पताल के वरिष्ठ सर्जन डॉ. एलएस बोरा ने बताया कि तेजाब हमले में झुलसी परवीन की हालत में बुधवार की अपेक्षा बृहस्पतिवार को सुधार है। उन्होंने बताया कि परवीन की जिस आंख में तेजाब गिरा था, वह सुरक्षित है। होंठ के पास भी तेजाब से कटा है, इस कारण वह ठोस चीजें नहीं खा पा रही है। उसे दूध, जूस, दाल का पानी पिलाया जा रहा है। डॉ. बोरा ने बताया कि तेजाब के हमले में घावों का पता तीन-चार दिन बाद लगता है। यदि घावों की गहराई अधिक होगी तो फिर उसे ठीक होने में कुछ ज्यादा समय लग सकता है। डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी देखरेख कर रही है। परवीन करीब 30 प्रतिशत तक झुलसी है। तेजाब के हमले में आंशिक रूप से झुलसी नाजिमा का स्वास्थ्य ठीक है।
हो सकता है पीलीभीत से तेजाब लाया हो गुड्डू
सीओ शेखर सुयाल ने बताया कि गुड्डू ने तेजाब कहां से प्राप्त किया, पहले इसका पता लगाया जाएगा। यह खुलासा गुड्डू को पकड़ने के बाद ही संभव है। सीओ ने बताया कि तेजाब की कहीं पर भी खुली बिक्री प्रतिबंधित है। बिना लाइसेंस के कोई भी व्यक्ति तेजाब की बिक्री नहीं कर सकता है। यदि किसी को तेजाब की जरूरत हो तो उसे बाकायदा डीएम से अनुमति पत्र लेना पड़ता है। उनका कहना है कि आरोपी चूंकि पेंटर का काम करता है, इसलिए उसने कहीं से तेजाब हासिल कर लिया होगा। सीओ ने बताया कि यदि जिला मुख्यालय में किसी दुकान से उसने तेजाब हासिल किया होगा तो दुकानदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस को संदेह है कि गुड्डू अक्सर पीलीभीत जाता रहता था, हो सकता है कि उसने पीलीभीत से ही तेजाब लाया हो।
बाहरी लोगों का सत्यापन तेजी से होगा
तेजाब फेंकने की घटना के बाद पुलिस ने तय किया है कि हर नगर और कस्बे में रहने वाले बाहरी लोगों के सत्यापन के लिए नए सिरे से अभियान चलाया जाएगा। इस घटना के बाद सवाल उठे थे कि बाहरी लोगों का सत्यापन सही ढंग से न होने के कारण ही ऐसी घटना सामने आई। सीओ शेखर सुयाल ने बताया कि सभी थानों को फिर से सत्यापन का काम तेजी से करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी के मकान में किराए में रहने वालों का सत्यापन नहीं हुआ होगा तो मकान मालिक पर जुर्माना लगाया जाएगा।