धारचूला से गुंजी, गर्ब्यांग और मुनस्यारी से मिलम तक पिछली सरकार की ओर से शुरू की गई हेलीकॉप्टर सेवा के बारे में अब तक प्रदेश की नई सरकार ने कोई फैसला नहीं लिया है। दोनों स्थानों पर लोग हेलीकॉप्टर सेवा शुरू होने की प्रतीक्षा में हैं। पिछली सरकार ने धारचूला से गुंजी और गर्ब्यांग तक लोगों को पहुंचाने का एक तरफ का किराया 4200 रुपये लिया था। इसका लाभ कई लोगों ने उठाया। अप्रैल अंत से यह सेवा शुरू हो जाती थी।
युवा सामाजिक कार्यकर्ता हीरा सिंह चिराल ने मुख्यमंत्री को पत्र देकर कहा कि आम जनता की सुविधा के लिए शुरू की गई हेलीकॉप्टर सेवा को फिर से बहाल किया जाए। इससे सीमा क्षेत्र में बसे गांवों तक लोगों की आवाजाही बढ़ेगी। साथ ही सुरक्षा की दृष्टि से भी यह सेवा अहम साबित होगी। वर्ष 2015 में सेवा का संचालन तहसील प्रशासन ने और 2016 में कुमाऊं मंडल विकास निगम ने किया था। इस बार सीमांत के लोगों को उम्मीद थी कि नई सरकार सेवा को जारी रखेगी, लेकिन अब मानसून सीजन शुरू होने वाला है और पर्वतीय इलाकों में हेलीकॉप्टर सेवा को जारी रख पाना संभव नहीं होगा।
इधर, कुमाऊं मंडल विकास निगम के अधिकारियों का कहना है कि हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने के संबंध में शासन से कोई निर्देश नहीं मिला है। केएमवीएन के महाप्रबंधक टीएस मर्तोलिया ने बताया कि हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने का फैसला सरकार को लेना है।