प्रदूषित पानी को लेकर चर्चित ठुलीगाड़ पेयजल योजना की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। इस माह के अंत तक आंवलाघाट योजना के शुरू होते ही ठुलीगाड़ योजना का पानी बंद हो जाएगा। इसके साथ ही पेयजल किल्लत से जूझते पिथौरागढ़ को 17 साल तक पानी पिलाने वाली यह योजना इतिहास बन जाएगी।
वर्ष 2001 में ठुलीगाड़ पेयजल योजना अस्तित्व में आई थी। योजना के तहत ठुलीगाड़ गधेरे से पानी टैप कर कासनी फिल्टर प्लांट के जरिये आपूर्ति की जाती रही। इस योजना ने पेयजल किल्लत से जूझते पिथौरागढ़ नगर को 17 साल पानी पिलाया। पांच एमएलडी क्षमता वाली इस योजना से तिलढुकरी, विण, रई, धारचूला रोड, सिल्थाम, भाटकोट, जाखनी, चैंसर, दौला समेत लगभग आधे से ज्यादा नगरीय एवं आंशिक ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति की जाती रही।
घाट पंपिंग योजना में व्यवधान के दौरान पूरा पिथौरागढ़ इसी योजना पर निर्भर रहा। अब आंवलाघाट योजना के अंतिम चरण के बीच ठुलीगाड़ योजना की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। इन दिनों नवनिर्मित आंवलाघाट पेयजल योजना के ट्रायल का काम चल रहा है। इस माह के अंत तक आंवलाघाट योजना से आपूर्ति शुरू होने की उम्मीद है। इसके बाद जल संस्थान ठुलीगाड़ योजना से पानी लेना बंद कर देगा। पेयजल मंत्री ने पेयजल अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दे दिए हैं।
पेयजल गुणवत्ता को लेकर उठते रहे सवाल
आधे से अधिक सोर घाटी को पानी पिलाने वाली यह योजना प्रदूषित आपूर्ति को लेकर शुरुआत से ही विवादों में रही। ठुलीगाड़ गधेरे के प्रदूषण को इसका जिम्मेदार माना जाता रहा। इसे लेकर विरोध-प्रदर्शन तक हुए। इस वर्ष 9 फरवरी को पेयजल योजना में सैन्य अस्पताल का सीवर मिलने का बड़ा मामला पकड़ में आया था। इससे पहले सप्ताह भर तक नगरवासियों को सीवरेज मिले पानी की आपूर्ति हुई। इसे लेकर जनता के बीच काफी गुस्सा रहा।
पेयजल मंत्री प्रकाश पंत के प्रयास से बनी थी योजना
पेयजल मंत्री प्रकाश पंत ने पिथौरागढ़ में पेयजल किल्लत को देखते हुए ठुलीगाड़ पेयजल योजना के लिए अहम प्रयास किए। अलग राज्य बनने के बाद अंतरिम सरकार में विस अध्यक्ष रहे प्रकाश पंत के कार्यकाल में उनके गृहनगर में इस योजना की शुरुआत हुई थी।
इस माह के अंत तक आंवलाघाट पेयजल योजना से आपूर्ति की पूरी उम्मीद है। इसके बाद ठुलीगाड़ योजना से पानी की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी। प्रदूषित पानी की शिकायतों को देखते हुए ठुलीगाड़ योजना की नए सिरे से समीक्षा की जाएगी।
-प्रकाश पंत, पेयजल मंत्री