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चंडाक रोड पर वन विभाग करा रहा अवैध निर्माण

Sun, 11 Mar 2018 11:06 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
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पिथौरागढ़ के चंडाक रोड में सड़क से सटकर वन विभाग द्वारा किया जा रहा अतिक्रमण - फोटो : अमर उजाला
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चंडाक रोड पर वन विभाग के अवैध निर्माण का मामला सामने आया है। वन विभाग ने निर्माण के लिए जिला विकास प्राधिकरण से अनुमति तक नहीं ली है। भवन निर्माण के नियमों को ताख पर रखकर निर्माण शुरू कराया गया है। अवैध निर्माण शुरू होने के बाद भी प्रशासन बेखबर बना हुआ है।

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वन विभाग ने पिथौरागढ़ मुख्यालय से चंडाक जाने वाले स्टेट हाइवे से सटे वन चेतना केंद्र के पास भवन निर्माण शुरू कराया है। योजना के तहत दो मंजिला भवन बनाया जा रहा है। निचले तल पर गैराज और दूसरे तल पर कर्मचारी आवास निर्माण किया जाना है। यहां निर्माण के लिए जरूरी नियमों को ताख पर रख दिया गया है। वन विभाग ने जिला विकास प्राधिकरण से निर्माण की अनुमति तक नहीं ली है, जबकि नियमानुसार प्राधिकरण से नक्शा स्वीकृति और निर्माण की अनुमति लेना जरूरी है।

लोनिवि की भूमि पर खुलेआम अतिक्रमण
वन विभाग का यह अवैध निर्माण लोनिवि की भूमि पर खुला अतिक्रमण भी है। दरअसल वन विभाग चंडाक स्टेट हाइवे से सटी भूमि पर निर्माण करा रहा है। स्टेट हाइवे से निर्माण स्थल की दूूरी महज दो फुट है। नियमानुसार सड़क के दोनों और निर्धारित 45 फुट दूरी तक लोनिवि का स्वामित्व होता है। तय परिधि तक कोई निर्माण नहीं किया जा सकता है। अपरिहार्य स्थिति में लोनिवि से निर्माण की अनुमति ली जाती है, लेकिन यहां वन विभाग ने निर्माण से पहले लोनिवि से अनुमति लेना तक जरूरी नहीं समझा।
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मार्ग विस्तारीकरण में हो सकता है बाधक
पंचेश्वर बांध बनने के बाद पिथौरागढ़-चंडाक मार्ग गंगोलीहाट, अल्मोड़ा के लिए वैकल्पिक मार्ग है। बांध बनने के बाद स्टेट हाइवे का विस्तारीकरण होना प्रस्तावित है। योजना के तहत भविष्य में इस मार्ग का चौड़ीकरण किया जाना है। वन विभाग के अवैध निर्माण के बाद मार्ग चौड़ीकरण में व्यवधान होगा। अवैध निर्माण चौड़ीकरण में बाधक साबित हो सकता है।

अतिक्रमण की जांच करेगा लोनिवि
वन विभाग के अतिक्रमण मामले की लोनिवि जांच करेगा। लोनिवि के ईई नवीन जोशी का कहना है कि वन विभाग ने सड़क किनारे किसी निर्माण की अनुमति नहीं ली है। नियमानुसार सड़क के दोनों ओर तय सीमा तक निर्माण नहीं किया जा सकता।

डीएफओ ने नहीं दिया जवाब
अवैध निर्माण के संबंध में प्रभागीय वनाधिकारी विनय भार्गव का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन कई बार कॉल के बावजूद उन्होंने जवाब नहीं दिया। इस संबंध में संपर्क करने पर उप प्रभागीय वनाधिकारी एके श्रीवास्तव ने निर्माण की पुष्टि की है। हालांकि विकास प्राधिकरण से अनुमति और लोनिवि भूमि पर अतिक्रमण के मामले में कोई बयान देने से इनकार कर दिया।

अवैध निर्माण की होगी जांच
वन विभाग ने निर्माण के लिए प्राधिकरण से अनुमति नहीं ली है तो इसकी जांच कराई जाएगी। भवन निर्माण के नियमों के उल्लंघन पर कार्य रोकने के साथ ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी अमल में लाई जा सकती है। -मोहम्मद नासिर, एडीएम, पिथौरागढ़

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