पिथौरागढ़। आदि कैलाश यात्रा में वाहनों के संचालन की लड़ाई में स्थानीय टैक्सी यूनियन और कुमाऊं महासंघ आमने-सामने है। आदि कैलाश टैक्सी यूनियन के यात्रा में बाहरी वाहनों का संचालन रोकने के एलान के बाद महासंघ टैक्सी यूनियन कुमाऊं मंडल ने भी मोर्चा खोल दिया है।
यात्रियों की संख्या बढ़ने के बाद आदि कैलाश टैक्सी यूनियन बीते कुछ वर्षों से आदि कैलाश मार्ग में व्यास घाटी के अतिरिक्त किसी भी अन्य जगह के वाहनों के संचालन का विरोध कर रहा है। आदि कैलाश यात्रा शुरू होने में अब कुछ ही समय बचा है और फिर से पहले की तरह विरोध शुरू हो गया है।
आदि कैलाश टैक्सी यूनियन ने इस बार किसी भी सूरत में जौलजीबी से आगे बाहरी वाहनों से यात्रियों की आवाजाही पर रोक लगाने का एलान करते हुए धारचूला तहसील प्रशासन को ज्ञापन भी दिया है।
यूनियन के इस निर्णय का कुमाऊं टैक्सी महासंघ ने कड़ा विरोध करते हुए मोर्चा खोल दिया है। महासंघ ने भी एलान किया है कि यदि आदि कैलाश यात्रा में बाहरी वाहनों के संचालन पर रोक लगाई तो पूरे कुमाऊं में धारचूला के वाहनों का संचालन नहीं होने दिया जाएगा।
भविष्य में कभी भी वहां के वाहनों को भी जौलजीबी से आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा। टैक्सी यूनियन और महासंघ की इस लड़ाई से प्रशासन और परिवहन विभाग के लिए धर्मसंकट खड़ा हो गया है।
महासंघ ने दिया डीएम को ज्ञापन, उचित कदम उठाने की मांग
महासंघ टैक्सी यूनियन कुमाऊं मंडल के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम आशीष कुमार भटगाईं को ज्ञापन दिया। कहा कि आदि कैलाश मार्ग में बीते कुछ वर्षों से बाहरी क्षेत्र के वाहनों का विरोध करने के साथ चालकों और यात्रियों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। अब इस बार आदि कैलाश यात्रा कराने वाले बाहरी वाहनों से 2500 रुपये अर्थदंड वसूलने की बात कही गई है। यह भी कहा जा रहा है कि प्रशासन के विरोध करने पर यात्रियों को गुंजी, नाभी में रात्रि विश्राम के लिए होम स्टे आदि सुविधा से वंचित रखा जाएगा। इस तुगलकी फरमान से धारचूला के बाहर के टैक्सी स्वामियों, चालकों में चिंता का माहौल है। उन्होंने कहा कि यदि जिला प्रशासन ने मामले में उचित कदम नहीं उठाया तो कुमाऊं टैक्सी महासंघ भी मंडलभर में धारचूला की टैक्सियों के संचालन पर रोक लगा देगा। ज्ञापन देने वालों में महासंघ के महासचिव नवल किशोर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोज भट्ट, मुख्य संरक्षक भारत भूषण, प्रकाश जंग थापा आदि थे।