एसएसबी की 55वीं वाहिनी को अब अपना भवन मिल जाएगा। एक जून 2014 को एसएसबी की 55वीं वाहिनी को पिथौरागढ़ में स्थापित किया गया था। अब तक वाहिनी के जवान अस्थायी बैरकों में कामकाज चला रहे थे। शनिवार को एसएसबी के महानिरीक्षक श्याम सिंह भवन का शिलान्यास करेंगे। सीपीडब्लूडी को भवन निर्माण की जिम्मेदारी दी गई है। पहले चरण में करीब 36 करोड़ रुपये की लागत से मुख्य भवन तैयार होंगे। इनमें दस बिस्तरों वाला अस्पताल भी शामिल होगा।
एसएसबी की 55वीं वाहिनी में छह कंपनियां हैं। इसकी पांच कंपनियां इस समय नेपाल सीमा पर 18 बार्डर आउटपोस्ट में तैनात हैं। जबकि एक कंपनी असम के अशांत इलाकों में भेजी गई है। 55वीं वाहिनी के पास नेपाल सीमा पर बलुवाकोट से लेकर पंचेश्वर तक के इलाके की निगरानी की जिम्मेदारी है। एसएसबी के अधिकारियों ने बताया कि पहले चरण में प्रस्तावित भवनों में प्रशासनिक भवन, आफीसर्स मेस, क्वार्टर गार्ड, टाइप टू के 128, टाइप थ्री के 32, टाइप फोर के 6 और टाइप फाइव के 2 भवन बनाए जाएंगे। इतने भवन बन जाने पर एसएसबी के जवानों के लिए आवास की स्थायी व्यवस्था हो जाएगी। एसएसबी की 55वीं वाहिनी में कुल 1172 जवान और अधिकारी कार्यरत हैं।
एसएसबी के सेनानी मानवेंद्र सिंह और उपसेनानी जितेंद्र जोशी ने बताया कि शनिवार को आईजी श्याम सिंह भवनों की आधारशिला रखेंगे। उसके बाद निर्माण का काम शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि एसएसबी सीमा की सुरक्षा के साथ साथ सामाजिक दायित्वों का भी निर्वाह कर रही है। लोगों को समय समय पर चिकित्सा सुविधा देना, जागरूकता अभियान चलाना आदि कार्यक्रम चलाए जाते हैं।