बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)। देश और प्रदेश में किसानों के लिए योजना चलाकर उनकी आय दोगुनी करने के दावे खूब हो रहे हैं जो सीमांत जिले में बेअसर हैं। सहकारी समितियों में डीएपी खाद के लिए चक्कर लगाने के बाद निराश होकर लौट रहे किसान इसका प्रमाण हैं। बुआई का सीजन शुरू हो गया है लेकिन किसानों को इसके लिए जरूरी डीएपी नहीं मिल रही है। ऐसे में किसान बुआई रोकने के लिए मजबूर हैं।
बेड़ीनाग विकासखंड में किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के दावे कर 10 साधन सहकारी समितियां संचालित हैं। इन समितियों के माध्यम से किसानों को यूरिया और डीएपी उपलब्ध कराई जाती है। हैरानी है कि बुआई शुरू होने के बाद भी किसी समिति में डीएपी उपलब्ध नहीं है।
कांडे, गढ़तिर, राईआगर, दंतोला, नगौर, भुवनेश्वर, लोहाथल, क्वैराली आदि साधन सहकारी समितियों में रोजाना सैकड़ों किसान डीएपी के लिए पहुंच रहे हैं लेकिन उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है। क्षेत्र के रमेश सिंह, हरीश सिंह, कैलाश राम, मोहित कुमार आदि किसानों ने कहा कि बुआई शुरू होने के बाद समितियों में उर्वरक उपलब्ध न होना किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं पर गंभीर सवाल है। उन्होंने कहा कि यदि समय पर उर्वरक नहीं मिला तो बुआई में देरी होगी इसका सीधा असर उपज पर पड़ेगा।
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किराये में बेफिजूल खर्च हो रहा है धन
बेड़ीनाग। किसानों ने कहा कि रोजाना साधन सहकारी समितियों में डीएपी मिलने की उम्मीद में पहुंच रहे हैं लेकिन निराश होकर लौटना पड़ रहा है। किसानों ने कहा कि समितियों में डीएपी तो नहीं मिल रही है लेकिन इसका पता करने के लिए किराये में उनका अच्छा-खासा धन खर्च हो रहा है। किसानों ने जल्द डीएपी उपलब्ध न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। संवाद
सभी समितियों में जल्द डीएपी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। यदि ऐसा नहीं हुआ तो किसानों को साथ लेकर मैं खुद आंदोलन करुंगी। -संगीता चन्याल, ब्लॉक प्रमुख, बेड़ीनाग
सभी समितियों में जल्द उर्वरक उपलब्ध होगा। किसान अपनी समितियों में मांग कर सकते हैं। मांग के मुताबिक उन्हें जल्द डीएपी उपलब्ध करा दी जाएगी।
-रोहित कुमार दुमका, अपर जिला सहकारी अधिकारी, पिथौरागढ़