धारचूला (पिथौरागढ़)। सीमांत के गोरखाली समुदाय को ओबीसी प्रमाण पत्र नहीं दिए जाने पर गोरखाली समुदाय सहित भाजपाइयों ने आक्रोश व्यक्त किया है। गोरखाली समुदाय के अध्यक्ष भूपेंद्र थापा, पूर्व प्रमुख बीडी जोशी और भाजपा जिलाध्यक्ष धनसिंह धामी ने कहा कि आजादी के बाद से ही गोरखाली समुदाय के वीरता और वफादारी से प्रभावित होकर समय समय पर केंद्र एवं राज्य सरकारों ने गोरखाली समुदाय को प्रोत्साहित किया।
गोरखाली समुदाय को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग में शामिल कर आरक्षण का लाभ दिया मगर उत्तराखंड की वर्तमान सरकार में उच्च पदों पर आसीन नेताओं को गोरखाली समुदाय के त्याग और गौरवमयी इतिहास से कोई सरोकार नहीं है। सरकार में बैठे लोग आज जगह जगह गोरखाली समुदाय को गालियां दे रहे हैं और प्रशासन पर दबाव बनाकर गोरखाली समुदाय को अन्य पिछड़ा प्रमाणपत्र नहीं दिया जा रहा है।
उपजिलाधिकारी एसके पांडे को दिए ज्ञापन में भाजपा नेताओं और गोरखाली समुदाय के लोगों ने कहा कि यदि शीघ्र पूर्व की भांति अन्य पिछड़ा वर्ग प्रमाण पत्र नहीं दिए जाते हैं तो पूरे क्षेत्र में उग्र आंदोलन छेड़ दिया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में भाजपा जिला महामंत्री महेंद्र बुदियाल, मंडल अध्यक्ष ओमप्रकाश कापड़ी, पूर्व पालिकाध्यक्ष अशोक नबियाल, कैलाश धामी, नगर अध्यक्ष हरीश धामी, गगन सिंह, बिशन सिंह, दीपक जोशी, नेत्र सिंह धामी सहित कई लोग शामिल थे।