कुमाऊं मंडल विकास निगम ने इस बार कैलास मानसरोवर पैदल यात्रा मार्ग में स्थित पैदल पड़ावों में गरम पानी के लिए सोलर वाटर गीजर लगाने का फैसला लिया है। ज्यादा ऊंचाई वाले स्थानों में अब हर यात्री को गरम पानी मिलता रहेगा। यह सारी व्यवस्थाएं कुमाऊं मंडल विकास निगम मई के अंतिम सप्ताह तक जुटा लेगा। निगम ने इस बार हर पड़ाव में कम से कम चार फाइबर हट्स बनाने का भी फैसला लिया है। ताकि यात्रियों को आवास की कोई दिक्कत न हो।
यात्रियों के साथ सामान लेकर पोनी और पोर्टर्स भी जाते हैं। अक्सर उनके आवास की समस्या पैदा हो जाती है। फाइबर हट्स गुंजी, कालापानी, बूंदी, नाभीढांग, सिर्खा में बनाए जाएंगे। गुंजी पड़ाव को ज्यादा सुविधा संपन्न बनाया जाएगा। क्योंकि मेडिकल परीक्षण के लिए यात्रियों का हर दल गुंजी में दो दिन रुकता है।
केएमवीएन के पर्यटन प्रबंधक डीके शर्मा ने बताया कि इस बार कैलास मानसरोवर यात्रियों को और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि हर पड़ाव में नया बिस्तर पहुंचाया जाएगा। यात्रा पड़ावों में मरम्मत की जो भी जरूरत होगी उसे समय से पहले पूरा कर लिया जाएगा। श्री शर्मा ने कहा कि कुमाऊं के रास्ते कैलास मानसरोवर यात्रा का क्रेज कम नहीं हुआ है। यात्री पड़ी संख्या में इसी रास्ते यात्रा के इच्छुक रहते हैं।
पहला दल 12 जून को पहुंचेगा
पिथौरागढ़। कैलास मानसरोवर की यात्रा पर इस बार भी 18 दलों के जाने का कार्यक्रम है। पहला दल 12 जून को दिल्ली से चलकर काठगोदाम पहुंचेगा। उस दिन यात्री अल्मोड़ा रुकेंगे। अगले दिन यात्री आधार कैंप धारचूला पहुंचेंगे। धारचूला से नारायणआश्रम तक का सफर वाहनों से होगा। उसके बाद पैदल यात्रा शुरू हो जाएगी।