मुनस्यारी की ऊंची चोटियों में हुआ ताजा हिमपात।
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पिथौरागढ़। 36 घंटे बादल छाए रहने के बाद बाद बृहस्पतिवार को जिले के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिमपात और निचले इलाकों में हल्की बारिश हुई। जबकि कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी भी हुई। हिमपात और बूंदाबांदी के बाद ठिठुरन काफी बढ़ गई है। लोगों ने ठंड से बचाव के लिए अलाव जलाए। हल्की बारिश के बाद शाम को पिथौरागढ़ बाजार में भी सन्नाटा छाया रहा। जिले के मुनस्यारी सहित अन्य ऊंचाई वाले इलाकों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है।
जिले में बुधवार की सुबह से ही आसमान बादलों से ढक गया था। बृहस्पतिवार को भी दिन भर बादल छाये रहे। अपराह्न तीन बजे पिथौरागढ़ में हल्की बारिश हुई। जबकि मुनस्यारी के पंचाचूली, नग्निधूरा, हंसलिंग सहित छिपला की ऊंची पहाड़ियों में हिमपात हुआ। धारचूला के व्यास और दारमा घाटियों में भी अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात हुआ है। लगातार दो दिन तक बादलों से आसमान के घिरे रहने के कारण धूप के दर्शन नहीं होने और ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात और निचले इलाकों में बूंदाबांदी से ठिठुरन बढ़ गई है। इसका असर घाटी वाले क्षेत्रों में रहा। लोगों ने स्वयं अलाव की व्यवस्था कर ठंड दूर करने का प्रयास किया। अस्कोट कस्बे में भी व्यापारियों ने जगह-जगह अलाव जलाए। इससे व्यापारियों के साथ ही मजदूरों को भी राहत मिली। अभी तक प्रशासन ने अलाव की व्यवस्था नहीं की है। विभिन्न सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से सभी सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाने की मांग की है। ठंड के कारण बृहस्पतिवार को भी जिला मुख्यालय सहित अन्य कस्बों में बाजार जल्दी बंद हो गए थे।
बादल, बूंदाबांदी से बढ़ी ठंड
चंपावत। चंपावत में बृहस्पतिवार को दिनभर बादल रहे। शाम को हवा चलने के साथ 10 मिनट हुई बूंदाबांदी से ठंड में इजाफा हुआ। चंपावत में अधिकतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 7 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं ठंड बढ़ने के बावजूद सार्वजनिक स्थानों पर अलाव अभी नहीं जल सके।
मौसम ने ली करवट, ठंड का बढ़ा प्रकोप
बनबसा (चंपावत)। बादल घिरे होने से जहां बृहस्पतिवार सुबह से ही ठंड का प्रकोप रहा। कामकाजी लोगों के अलावा स्कूली बच्चों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। क्षेत्र का तापमान करीब 21 डिग्री सेल्सियस रहा। मजदूर तपके ने प्रशासन से अलाव की व्यवस्था करने की मांग की है।