मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू होते ही बीआरओ ने सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मुनस्यारी-मिलम सड़क का निर्माण कार्य रोक दिया है। सड़क निर्माण कार्य में लगे 200 से अधिक मजदूर निचले इलाकों को लौट चुके हैं। इधर, मिलम और पांछू में बर्फबारी के बाद नलों में पानी जम गया है। यहां तापमान अधिकतम एक डिग्री और न्यूनतम माइनस 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
मुनस्यारी के मल्लाजोहार क्षेत्र में कड़ाके की ठंड और बर्फबारी के बाद मुनस्यारी-मिलम सड़क निर्माण कार्य में लगे लोग लौटने लगे हैं। बर्फबारी के बाद वहां बीआरओ के अधिकारी कर्मचारी एवं मजदूर मिलाकर करीब 12 लोग रुके हैं, जो चिनूक हेलीकॉप्टर से पहुंचाई जा रही निर्माण सामग्री को वहां उतरवा रहे हैं। सड़क निर्माण में लगे लगभग 150 बीआरओ के मजदूर निचले इलाकों की ओर आ गए हैं। मौजूदा समय में वहां माइग्रेशन पर गए कुछ लोग एवं होटल स्वामी सहित लगभग 30 लोग रुके हैं। माइग्रेशन से लौटे पूर्व प्रधान लक्ष्मण धपवाल ने बताया कि अब बर्फबारी एवं कड़ाके की ठंड होने लगी है। आईटीबीपी और आर्मी के जवान सीमा पर सुरक्षा की दृष्टि से डटे हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में वहां का तापमान अधिकतम एक डिग्री और न्यूनतम लगभग -10 डिग्री सेल्सियस है।
खेती के लिए उच्च हिमालयी क्षेत्रों में गए लोग भी लौटने लगे
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। गर्मियों के मौसम में मुनस्यारी के निचले क्षेत्रों से लोग बड़ी संख्या में भेड़, बकरियों आदि जानवरों के साथ माइग्रेशन पर जाते हैं। यहां ग्रामीण आलू, जंबू, गंदरायण, थोया (कालाजीरा) आदि की खेती करते हैं, लेकिन बर्फबारी के बाद 13 माइग्रेशन गांव मिलम, बुर्फू, बिल्जू, मापा, गनघर, खिलांच, तोला, सुमतू, पांछू, मर्तोली, रिलकोट, ल्वा, लास्पा के ग्रामीण निचले क्षेत्रों की ओर लौटने लगे हैं।
34 किमी, बचा है मुनस्यारी-मिलम सड़क का कार्य
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। बीआरओ मुनस्यारी-मिलम सड़क का निर्माण कार्य बहुत तेजी से कर रहा है, लेकिन बर्फबारी के बाद बीआरओ को मजबूरन सड़क निर्माण कार्य रोकना पड़ा है। मुनस्यारी के धापा से रूपसियाबगड़ 19 किमी सड़क का कार्य पूरा हो गया है। बीआरओ ने चिनुक और हेलीकॉप्ट से पोकलैंड और जेसीबी को मिलम में उतारकर सड़क चौड़ीकरण का कार्य शुरू किया था। बीआरओ ने तमाम दिक्कतों का सामना करते हुए कठोर पहाड़ों को काटकर मिलम से मापांग तक 20 किमी सड़क को काट दिया है। अब बीआरओ लीलम से मापांग तक 34 किमी सड़क चौड़ीकरण का कार्य कर रहा है। बर्फबारी के बाद बीआरओ को सड़क चौड़ीकरण का कार्य रोकना पड़ा है। शीतकाल की समाप्ति के बाद बीआरओ फिर सड़क चौड़ीकरण का कार्य शुरू कर देगा।
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के माइग्रेशन वाले गांवों से लोग निचले क्षेत्रों की ओर लौटने लगे हैं। संव?- फोटो : PITHORAGARH
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के मिलम में नल में इस तरह पानी जम गया है। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : PITHORAGARH
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के मिलम और पांछू में इस तरह पेड़ों में पानी जम गया है। संवाद न्यूज एज?- फोटो : PITHORAGARH