दूसरे दिन भी रिमझिम बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त रहा। मौसम के अचानक करवट बदलने से एक बार फिर से लोगों को ठंड का सामना करना पड़ रहा है। मुनस्यारी की ऊंची चोटियों में बर्फबारी, जबकि निचले इलाकों में बारिश हुई। मौसम के बिगड़े रूप को देखते हुए लोगों ने बक्सों में बंद गर्म कपड़ों को फिर से बाहर निकाल लिए हैं।
बुधवार सुबह से ही आसमान घने बादलों से घिरा रहा। सुबह साढ़े आठ बजे के करीब हल्की बारिश हुई। दोपहर के समय भी हल्की बूंदाबांदी हुई। अपराह्न तीन बजे बाद कुछ समय के लिए फिर से धूप निकल आई। उत्तर-पूर्व दिशा में घने बादल छाए हैं। मुनस्यारी के हंसलिंग, राजरंभा, पंचाचूली, नाग्निधुरा चोटियों में बर्फबारी हुई। मुनस्यारी के साथ ही नाचनी, डीडीहाट, अस्कोट, धारचूला में हल्की बारिश हुई। पिछले 24 घंटे में डीडीहाट में एक, धारचूला में 8 एमएम बारिश दर्ज की गई।
खुम्ती में अंधड़ से फसलों को नुकसान
धारचूला (पिथौरागढ़)। खुम्ती में चली अंधड़ से फसलों का काफी नुकसान हुआ है। गेहूं, जई आदि फसलें पूरी तरह खेत में गिर गई हैं। इससे क्षेत्र के किसानों में मायूसी है। खेतों में फसल पककर तैयार है। किसान फसलों को समेटने की तैयारी में जुटे हुए हैं लेकिन इससे पहले ही अंधड़ ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है। सामाजिक कार्यकर्ता गोपाल सिंह ने बताया कि बुधवार को दोपहर में चली आंधी से गेहूं, जई, मटर, मसूर और सरसों की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। ब्यूरो
किसानों की मेहनत पर पानी फेर रही बारिश
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में असमय हो रही बारिश से किसान परेशान हैं। वन्य जीवों के आतंक से बची फसलों को अब समेटने के समय बारिश से काफी नुकसान पहुंच रहा है। मुवानी, नाचनी, अस्कोट, बगड़, तीतरी, झूलाघाट आदि जगहों पर किसानों ने गेहूं, मसूर की कटाई कर दी है। कई जगहों पर किसानों ने गेहूं की बालियों को काटकर खेतों और खलिहानों में रखा है। बारिश से गेहूं की बालियां काली पड़ जा रही हैं। नाचनी के किसान दरपान सिंह पिपलिया, भैंसकोट के त्रिलोक सिंह ने बताया कि बारिश से गेहूं और मसूर की तैयार फसल को काफी नुकसान पहुंच रहा है। ब्यूरो