पिथौरागढ़ नगर को स्मार्ट सिटी बनाने की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। कार्ययोजना तैयार करने के लिए सीडीओ, एसडीएम और नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी आपस में विचार मंथन कर रहे हैं। जल्दी ही इस नगर की जरूरतों, उपलब्ध संसाधनों के हिसाब से स्मार्ट सिटी का खाका तैयार किया जाएगा।
प्रदेश के शहरी विकास मंत्रालय से स्मार्ट सिटी के संबंध में विस्तृत रूपरेखा जारी की गई है। उपजिलाधिकारी अनुराग आर्य ने इस रूपरेखा की एक प्रति नगरपालिका को भी उपलब्ध करा दी है ताकि वह भी अपने स्तर से स्मार्ट सिटी के मानक के अनुसार व्यवस्थाएं जुटाने का प्रयास करें। एसडीएम अनुराग आर्य ने बताया कि स्मार्ट सिटी को चार वर्ष के भीतर मूर्त रूप दिया जाएगा। स्मार्ट सिटी में प्राचीन धरोहरों, किलों का संरक्षण, घाटों और मंदिरों का संरक्षण होगा। नगरीय परिवहन की बेहतर व्यवस्था होगी। सफाई, सीवर लाइन का इंतजाम होगा। नगर में आधुनिकतम सूचना तकनीक का इस्तेमाल करते हुए सीसीटीवी कैमरों से लैस किया जाएगा। स्मार्ट सिटी में सामाजिक, आर्थिक ढांचे को मजबूत करने पर विशेष ध्यान रहेगा। एसडीएम का कहना है कि स्मार्ट सिटी के लिए जो भी मानक तय किए गए हैं उनके अनुसार कार्ययोजना तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि कार्ययोजना तैयार करने वाली कमेटी जल्दी ही अपनी रिपोर्ट बना लेगी और इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। शहरी विकास का अनुभव रखने वाली एजेंसियों से भी इस बारे में विचार विमर्श किया जाएगा।
स्मार्ट सिटी की चुनौतियां कम नहीं
नगर में सीवर लाइन बिछाने का काम पिछले पांच साल से धन के अभाव में अटका हुआ है। नगर की ट्रैफिक व्यवस्था को सामान्य बनाने के लिए अब तक बाइपास रोड का निर्माण नहीं हो पाया है। पार्किंग की सही व्यवस्था नहीं है। नगर में मकानों को बनाते समय मास्टर प्लान का पालन नहीं हुआ है। अधिकांश मोहल्लों में मकानों को खेतों के आकार के हिसाब से खड़ा कर दिया गया है। स्मार्ट सिटी की कार्ययोजना बनाते समय यह समस्याएं सामने आ जाएंगी।