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Pithoragarh News: स्मैक तस्कर को पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा

Tue, 02 Apr 2024 10:25 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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पिथौरागढ़। स्मैक तस्करी के मामले में विशेष सत्र न्यायाधीश एनडीपीएस ने अभियुक्त को पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने अभियुक्त पर 50 हजार का जुर्माना भी लगाया है।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार मार्च 2018 में पुलिस ने सूरज वल्दिया से 6.27 ग्राम स्मैक बरामद की थी। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया था कि वह स्मैक का सेवन करता है और नशेड़ियों को बेचता भी है। उसके खिलाफ पिथौरागढ़ थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। यह मामला न्यायालय में चला।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद विशेष सत्र न्यायाधीश (एनडीपीएस) शंकर राज ने दोषसिद्ध सूरज सिंह वल्दिया निवासी पौंण (पिथौरागढ़) को धारा-8 सपठित धारा 21बी स्वापक औषधि और मनप्रभावी पदार्थ अधिनियम के अपराध में पांच वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा नहीं करने पर अभियुक्त को दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। राज्य सरकार की ओर से मामले की पैरवी जिला शासकीय अधिकारी फौजदारी प्रमोद पंत ने की।
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विस्फोटक अधिनियम के तहत दोषसिद्ध
चंपावत। अदालत ने एक व्यक्ति को विस्फोटक अधिनियम 1984 के तहत दोषसिद्ध किया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं सिविल जज सीनियर डिवीजन हेमंत राणा ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अभियुक्त अजीत सिंह को दोषी पाया। उसे अपराधी परिवीक्षा अधिनियम 1958 की धारा 4 के तहत आदेश की तिथि से छह माह के लिए परिवीक्षा दी गई। यदि इस अवधि के दौरान अभियुक्त का आचरण सही पाया गया तो उसे छोड़ दिया जाएगा। अदालत ने इस बात का भी संज्ञान रखा कि अभियुक्त का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। वर्ष 2019 में अभियुक्त अजीत सिंह निवासी जहानपुर, अरनिया बलुंदशहर (यूपी) को पुलिस ने मुड़ियानी तिराहा क्षेत्र में रोककर तलाशी ली थी। तलाशी में उसके पास से प्लास्टिक कवर में 10 डेटोनेटर मिले थे। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता दीपक जोशी और अभियुक्त के अधिवक्ता एससी जोशी ने पैरवी की। संवाद

सप्लायर, निर्माता कंपनी और मार्केटर पर 2.60 लाख का जुर्माना

मैकप्रोटीन पाउडर और स्नैप इट, मिल्क एंड चोको का नमूना पाया गया था अधोमानक
संवाद न्यूज एजेंसी
पिथौरागढ़। एडीएम डॉ. एसके बरनवाल ने खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से दायर दो मुकदमों में सुनवाई करते हुए विक्रेता, सप्लायर, निर्माता कंपनी, मार्केटर पर 2,60,000 रुपये का अर्थदंड लगाया है।
20 अप्रैल 2023 को खाद्य सुरक्षा विभाग ने संदेह के आधार पर ललित फार्मा पिथौरागढ़ से मैकप्रोट प्रोटीन पाउडर का नमूना जांच के लिए राजकीय खाद्य जांच प्रयोगशाला रुद्रपुर भेजा था। जांच में मैकप्रोट प्रोटीन पाउडर का नमूना अधोमानक पाया। इसमें कैल्शियम निर्धारित मानक 1333.3 एमजी के स्थान पर 2648.5 एमजी, जिंक 10 एमजी के स्थान पर 18.0 एमजी और क्रोमियम 90 एमसीजी के स्थान पर 334 एमसीजी पाया गया।
निर्णायक अधिकारी एडीएम ने मामले में सुनवाई करते हुए निर्माता कंपनी तिरुपति वेलनैस प्राइवेट लिमिटेड पोंटा साहिब (हिमाचल प्रदेश) पर 1,50,000 रुपये, मार्केटर मैक्लोड्स फार्मास्यूटिकल्स अंधेरी मुंबई पर 20,000 और कंपनी डिपो सी एंड एफ मैक्लोड्स फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड देहरादून पर 20,000 और विक्रेता मै. ललित फार्मा बैंक रोड पर 10,000 का अर्थदंड लगाया।
इसी तहर 15 दिसंबर 2021को खाद्य सुरक्षा विभाग ने दीप एजेंसी डाट पुल से बैकमेट स्नैप इट, मिल्क एंड चॉको का नमूना जांच के लिए भेजा था। जांच रिपोर्ट में सैंपल अधोमानक पाया गया। इसमें एक्सट्रेक्ट फेट निर्धारित मानक 25 प्रतिशत के स्थान पर 22.48 प्रतिशत पाया गया। इस पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने 19 मई 2022 को एडीएम न्यायालय में वाद दायर किया।
एडीएम न्यायालय ने निर्माता कंपनी मै. ड्यूक कंज्यूमर लिमिटेड हैदराबाद रंगारेड्डी तेलंगाना पर 30,000 रुपये, कंपनी डिपो सप्लायर एसडब्ल्यूजी, इंडस्ट्रीज लिमिटेड पंतनगर पर 20,000 और विक्रेता मै. दीप एजेंसी, डाट पुल, पिथौरागढ़ पर 10,000 का अर्थदंड लगाया है।
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