पिथौरागढ़। ठंड बढ़ने के साथ ही पाला गिरना शुरू हो गया है। सड़कों का रखरखाव करने वाली एजेंसियों ने अभी तक पाला संभावित क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए हैं। इससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। कई स्थानों पर पाला जमने से फिसलन बढ़ गई है। वाहन दुर्घटनाग्रस्त भी हो रहे हैं। इसके बाद भी चूने और नमक का छिड़काव नहीं किया जा रहा है।
सोमवार को संवाद की टीम ने पाला संभावित क्षेत्रों की पड़ताल की। टीम सुबह 7.30 बजे कनालीछीना से पिथौरागढ़ की ओर आई। इस दौरान सड़क में अस्कोड़ा, कंचनपुर, सतगढ़, पलेटा, पातल पोखरा, नैनीपातल, सल्मोड़ा होते हुए पिथौरागढ़ पहुंची। लगभग 25 किमी इस यात्रा के दौरान 30 से अधिक स्थानों पर पाला पड़ा था। सड़क का रखरखाव करने वाली कार्यदायी संस्था बीआरओ ने पाला संभावित क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड भी नहीं लगाए हैं। इससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। कई स्थानों पर पाला जमने से चौपहिया, दोपहिया वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। इसके बाद भी नमक और चूने का छिड़काव नहीं किया जा रहा है। लोगों ने बीआरओ से चेतावनी बोर्ड लगाने और चूने और नमक का छिड़काव करने की मांग की है।
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झूलाघाट- पिथौरागढ़, चंडाक-बांस सड़क में भी खतरा
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़- झूलाघाट सड़क और बांस-चंडाक सड़क में भी जगह-जगह पाला गिर रहा है। दोनों सड़कों के संकरा होने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। इन दोनों सड़कों के पाला संभावित क्षेत्रों में भी चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। गंगोलीहाट के जाड़ापानी क्षेत्र में भी पाला गिरने से वाहनों के फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा रहता है।
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वाहन चलाने के दौरान बरते सावधानियां
- ज्यादा तेज गति से वाहन ना चलाएं
- यातायात के नियमों का पालन करें
- चेतावनी बोर्ड पर विशेष ध्यान दें
- गर्म कपड़े पहनकर ही दोपहिया वाहन चलाएं
- अनजान सड़क पर जाने से पहले लोगों से जानकारी ले लें
इनसेट कोट
कार्यदायी संस्थाओं को पाला संभावित क्षेत्रों में चूने और नमक छिड़काव करने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही पाला संभावित क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड लगा लिए जाएंगे। -रीना जोशी, डीएम पिथौरागढ़।