पिथौरागढ़। जिले के अस्पतालों में आपातकालीन चिकित्साधिकारी (ईएमओ) के छह पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। इससे इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
बीडी पांडेय जिला अस्पताल और महिला अस्पताल पर जिले की पांच लाख से अधिक की आबादी निर्भर है। ओपीडी में प्रतिदिन दोनों अस्पतालों एक हजार से अधिक मरीज पहुंचते हैं। ओपीडी बंद होने के बाद आपातकालीन कक्ष में देर रात तक मरीज आते रहते हैं।
इन अस्पतालों में इमरजेंसी चिकित्साधिकारी (ईएमओ) के 50 फीसदी पद रिक्त हैं। अस्पतालों में दूरस्थ क्षेत्र धारचूला, मुनस्यारी, बंगापानी, बेड़ीनाग सहित अनेक क्षेत्रों के लोग इलाज के लिए पहुंचते हैं। जिले की सीमा पड़ोसी देश नेपाल से भी मरीज इन अस्पतालों में पहुंचते हैं। दोनों अस्पतालों के स्वीकृत 12 ईएमओ के पदों के सापेक्ष आज तक केवल छह ही चिकित्सकों की तैनाती हो पाई है।
इससे मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है। इमरजेंसी कक्ष का संचालन 24 घंटे रहता है और अस्पतालों में तैनात ईएमओ रोस्टर के अनुसार ड्यूटी कर रहे हैं। पदों के रिक्त होने और मरीजों के अधिक दबाव के कारण चिकित्सकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
कोट-
जिला अस्पताल में रिक्त ईएमओ के पदों की जानकारी उच्चस्तर पर दी गई है। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। - भागीरथी गर्ब्याल, पीएमएस जिला अस्पताल।