थल-सातसिलिंग सड़क पर हुए हादसे में एक ही गांव के तीन पुरुष, दो छात्राओं, एक मासूम बच्ची, दो महिलाओं सहित आठ लोगों की मौत से हर कोई स्तब्ध है। बोकटा गांव के आठ पुरुष और पांच महिलाओं सहित 13 यात्री जीप में सवार होकर मुवानी बाजार से अपने घर के लिए रवाना हुए। सिर्फ एक किलोमीटर दूर सभी भयानक दुर्घटना का शिकार हो गए। आठ यात्रियों को काल के गाल में समाना पड़ा जबकि पांच यात्री जीवन और मौत से जंग लड़ रहे हैं।
बोकटा गांव के योगेश कुमार, श्याम सिंह, सुमित, विनीता, राजेंद्र, होशियार सिंह, शांति देवी, दीक्षा खरीदारी और अन्य काम से अपने स्थानीय बाजार मुवानी पहुंचे। गांव की ही पूजा अपनी सात साल की मासूम बेटी सिमरन के साथ खरीदारी के लिए बाजार आई। सभी ने अपना काम निपटाया और घर वापसी के लिए वाहन का इंतजार किया। गांव का ही चालक नरेंद्र सिंह जीप लेकर पहुंचा और सभी ग्रामीण घर जाने के लिए इसमें सवार हुए। जीआईसी मुवानी में पढ़ने वाली दो सगी बहनें 11वीं कक्षा की छात्रा विनीता और नौवीं की छात्रा तनुजा भी अपने गांव वालों के साथ घर जाने के लिए जीप में बैठीं।
सभी गांव वाले एक ही जीप में सवार होकर घर के लिए रवाना हुए। उन्हें यह मालूम नहीं था कि रास्ते में एक भयानक घटना उनका इंतजार कर रही है। जिस जीप में वह एक साथ सवार होकर जा रहे हैं यह साथ सिर्फ कुछ पल में ही छूट जाएगा। मुवानी बाजार से सिर्फ एक किलोमीटर आगे जाकर जीप अनियंत्रित होकर गधेरे में गिर गई। घटना में दो सगी बहनों सहित एक ही गांव के आठ लोग काल के गाल में समा गए। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है और हर कोई स्तब्ध है। संवाद
घर पर छोटा भाई कर रहा था बहनों का इंतजार, हमेशा के लिए छोड़ गईं साथ
मुवानी। जीआईसी मुवानी में पढ़ने वाली दो सगी बहनों विनीता और तनुजा का 10 साल का छोटा भाई है। माता-पिता के साथ तीनों भाई-बहन हंसी-खुशी जीवन बिता रहे थे। सुबह दोनों बहनें छोटे भाई को स्कूल से जल्द घर लौटकर साथ में खेलने की बात कर रवाना हुईं। तीनों को यह मालूम नहीं था कि अब वे आपस में कभी एक साथ नहीं खेल पाएंगे। छोटा भाई अपनी बहनों का इंतजार करता रहा और वे घर नहीं लौट सकीं। इस घटना में भाई और बहनों का साथ हमेशा के लिए छूट गया। एक साथ दोनों बेटियों की मौत से पिता का रो-रोकर बुरा हाल है तो मां बदहवास है। छोटा भाई यह मानने को तैयार नहीं है कि अब उसकी दोनों बहनें उसे अलविदा कह हमेशा के लिए छोड़कर चलीं गईं हैं।
मां को पता नहीं गोद में बैठी मासूम बेटी की हो चुकी है मौत
बोकटा की पूजा अपनी सात साल की मासूम बेटी को लेकर खरीदारी के लिए मुवानी बाजार पहुंची। खरीदारी कर वह बेटी सिमरन को गोद में बैठाकर जीप में सवार हुई। कुछ ही दूर जीप खाई में गिर गई। घटना में मां की गोद से छिटकी मासूम ने दम तोड़ दिया। गंभीर रूप से घायल मां अस्पताल में जीवन और मौत से संघर्ष कर रही है। उसे यह मालूम नहीं है कि उसकी मासूम बेटी उसे हमेशा के लिए छोड़कर चली गई है। जो घर सुबह तक मासूम की चहलकदमी से गुलजार था, अब वहां मातम पसरा है।