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Pithoragarh News: बंगापानी-मदकोट-बरम के लिए पुरानी बस ही चला दो साहब

Fri, 16 Jan 2026 11:01 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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बंगापानी (पिथौरागढ़)। बंगापानी, मदकोट और बरम क्षेत्र में एक साल से रोडवेज बस नहीं पहुंची है। लंबे समय से इन रूटों पर रोडवेज बस के पहिये थमे हैं। इससे 25 हजार से अधिक की आबादी परेशान है। राज्य गठन से पूर्व इन रूटों पर चार से पांच बसों का संचालन होता था। राज्य गठन के बाद इनकी संख्या कम हुई और अब बसों का संचालन पूरी तरह रोक दिया गया है। बसों का संचालन नहीं होने से क्षेत्र के लोग टैक्सी के सहारे सफर करने के लिए मजबूर हैं तो बुजुर्ग, दिव्यांग और छात्राओं के लिए चलाई जा रही निशुल्क यात्रा की योजना भी दम तोड़ रही है।
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तत्कालीन उत्तर प्रदेश के समय टनकपुर-मदकोट, पिथौरागढ़-मदकोट, धारचूला- बंगापानी रोडवेज बस सेवा के साथ ही अल्मोड़ा-मदकोट केएमओयू की बस सेवा चलती थी। अलग राज्य बनने के बाद परिवहन की सुविधाएं बढ़ने के बजाय अब इन रूटों पर रोडवेज बसों का संचालन ही बंद कर दिया गया है। एकमात्र बस सेवा भी सालभर से बंद है। पिछले दिनों जौलजीबी मेले के दौरान विभागीय अधिकारियों ने इस रूट पर बस संचालित करने के दावे किए थे जो अब तक परवान नहीं चढ़ सके हैं। इस अनदेखी के चलते क्षेत्र के लोग बेबस होकर टैक्सियों में महंगा सफर करने के लिए मजबूर हैं। हल्द्वानी, देहरादून, दिल्ली सहित अन्य रूटों पर रोडवेज में सफर करने के लिए यात्रियों को जिला मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ रही है।
- बोले क्षेत्रवासी
अगर बस सेवा होती तो हम जैसे बुजुर्गों को निशुल्क यात्रा का लाभ मिलता। बस सेवा बंद होने से अब टैक्सी में किराया देकर सफर करना पड़ रहा है। - उदीमा देवी, बंगापानी
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बस में ज्यादा परेशानी नहीं होती। छोटे वाहनों में सफर करना मुश्किल होता है। यदि बस संचालित होती हो हमारी परेशानी काफी हद तक कम हो जाती। - सरुली देवी, माणी-धामी
उत्तर प्रदेश के समय चार-पांच रोडवेज बसों का संचालन होता था। अब एकमात्र बस सेवा भी बंद कर दी गई है। यदि जल्द बस संचालित नहीं हुई तो आंदोलन करना पड़ेगा। - शेर सिंह महर, खर्तोली

यहां खटारा बस भी नहीं चल रही। सामान्य बस भी होती तो बुजुर्ग लोग तीर्थयात्रा के लिए भी जा पाते। महंगे टिकट में लोग सफर नहीं कर पा रहे हैं। - राजेंद्र सिंह मेहरा, बंगापानी
कोट
जौलजीबी मेले के लिए पहले दिन भेजी गई बस के लिए यात्री नहीं मिले। पुरानी बसों में ब्रेक डाउन का खतरा रहता है। बसें उपलब्ध होने पर क्षेत्र के लिए सेवा संचालित की जाएगी। - रविशेखर कापड़ी, एआरएम, पिथौरागढ़ डिपो
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