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सिमलकोट के लोगों की भृकुटि तनी

Sat, 31 Jan 2015 11:16 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,पिथौरागढ़
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लंबी जद्दोजहद के बाद 2001 में गंगोलीहाट में डिग्री कालेज खुला। अब तक महाविद्यालय का भवन नहीं बन पाया है। साल 2013 में डिग्री कालेज भवन के लिए विधायक, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की पहल पर सिमलकोट गांव के लोगों ने 50 नाली जमीन दान में दी। धन अवमुक्त होने के बाद भी अब वहां भवन न बनाकर अन्यत्र बनाने की तैयारी चल रही है, इससे गुस्साए सिमलकोट के लोगों ने प्रशासन को न्यायालय में वाद दायर करने की चेतावनी दे दी है। जनप्रतिनिधियों ने भी सिमलकोट के लोगों की बात का समर्थन किया है।
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एसडीएम के माध्यम से डीएम को भेजे ज्ञापन में सिमलकोट के लोगों ने कहा है कि गांव तक सड़क बनाने की शर्त पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और विधायक नारायण राम आर्य की पहल पर डिग्री कालेज के लिए 50 नाली उपजाऊ भूमि दान दी थी। भवन के लिए धन मंजूर हुआ तो सिमलकोट में नहीं बनाया जा रहा है। इसको लेकर 9 सितंबर 2014 को आंदोलन भी किया था। प्रशासन के लिखित आश्वासन पर आंदोलन स्थगित किया। अब कुछ स्थानीय लोग निजी स्वार्थ के चलते प्रशासन को गुमराह कर रहे हैं। लोग पुन: हाथीगौन नामक उसी स्थान पर डिग्री कालेज बनाने की बातें कर रहे हैं, जो भूमि पूर्व में निरस्त कर दी गई थी। कहा कि यह जनभावना के साथ खिलवाड़ और विकास विरोधी मानसिकता है।
 सिमलकोट तक सड़क और डिग्री कालेज के भवन नहीं बनाए जाते हैं तो दान में दी भूमि ग्रामवासियों को वापस कर दी जाए। ऐसा नहीं हुआ तो न्यायालय की शरण ली जाएगी। ज्ञापन में संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र रावल, ब्लाक प्रमुख गंगा बिष्ट, नगर पंचायत अध्यक्ष विमल रावल, सिमलकोट की प्रधान संतोषी मेहता, क्षेत्र पंचायत सदस्य संगीता देवी, कोठेरा के प्रधान भगवती प्रसाद, नरेंद्र रावल, बहादुर सिंह मेहता, महेश लाल साह, कल्याण सिंह धानिक, किशन उप्रेती, दानदाता दान सिंह, लक्ष्मण सिंह, प्रताप सिंह, प्रकाश सिंह, दीवान सिंह, त्रिलोक सिंह, बलवंत सिंह, गंगा सिंह, उमेद सिंह आदि के हस्ताक्षर हैं। उधर, एसडीएम टीस मर्तोलिया का कहना है कि डिग्री कालेज भवन का मामला सुलझाया जाएगा।
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