गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। लगातार हो रही बारिश से शालीखेत पंपिंग योजना के गधेरे में गाद भर जाने से नगर सहित करीब 18 गांवों को पिछले पांच दिन से पानी नहीं मिल रहा है। इसके अलावा बड़ी बात यह भी है कि योजना बनाने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों ने यहां फिल्टर प्लांट बनाया ही नहीं है जिसके चलते यहां दूषित पानी की सप्लाई होती है। फिलहाल पानी नहीं आने से 15,000 से अधिक की आबादी परेशान है। ग्रामीण जैसे-तैसे नौलों-गधेरों से पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। वहीं जल संस्थान का कहना है कि गाद हटाई जा रही है, मंगलवार से पानी की सप्लाई सुचारू हो जाएगी।
दो दशक तक जन संघर्ष करने के बाद वर्ष 2011 में 12.89 करोड़ की लागत से बनी योजना को तत्कालीन अधिकारियों ने आगणन बदलकर पाइप बचाने के लिए 45 डिग्री से हटाकर 90 डिग्री की चढ़ाई पर बना दिया। उस दौरान पाइप चोरी की हुई घटना खूब चर्चा में रही थी। योजना में फिल्टर प्लांट भी नहीं बनाया गया। वर्ष 2011 से 2017 तक योजना जल निगम के पास रही। वर्ष 2017 में इसे जल संस्थान को हस्तांतरित कर दिया गया।
विभागीय सूत्रों के अनुसार फिल्टर प्लांट के बदले योजना के मूल में फ्रेंचवेल लगा हुआ है जो पानी को फिल्टर करने का काम तो करता है लेकिन बहुत जल्दी चोक हो जाता है। इंजीनियर बताते हैं कि जिस समय योजना बनी यदि फिल्टर प्लांट लगा होता तो एक करोड़ की लागत होती। स्थितियां यह हैं कि गर्मियों में स्रोत में पानी कम होने जाने और बरसात में गाद भर जाने के चलते पानी नहीं मिलता है। संवाद
इनसेट
पेयजल से प्रभावित गांव
हाट, पठक्यूडा, रावलगांव, कुंजनपुर, पुनौली, पतारवाड़ा, खेतीगाडा, चोडियार, चूड़ियागैर, हनेरा, खतेड़ा, लाली, जीवल, कफलाडी, दसाईथल, गुप्तड़ी, भंडारीगांव, कुचारा, नड़िकद्यो, भाटगांव और चुतरापानी।
कोट
फिल्टर प्लांट लगाने के लिए अधिकारियों से बात की है। विधायक के माध्यम से शासन स्तर पर फिल्टर प्लांट लगाने की कोशिश की जाएगी। - जयश्री पाठक, नगर पंचायत अध्यक्ष।
फिल्टर प्लांट लगाने को जमीन तलाशने, प्लांट का आकलन तैयार करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जाएगा। प्रस्ताव मिलने पर राशि स्वीकृत हो जाएगी। - फकीर राम टम्टा, विधायक।
जनता पानी के लिए परेशान है। पेयजल योजना की जांच की जाए। दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। - नारायण राम आर्या, पूर्व विधायक।
विभाग और जनप्रतिनिधियों को शीघ्र फिल्टर प्लांट लगाने और योजना से अन्य गधेरों को जोड़ने का काम करना चाहिए ताकि जनता को पानी मिल सके। - सुरेंद्र सिंह बिष्ट, सामाजिक कार्यकर्ता।
क्षेत्र में पानी का बड़ा संकट बना हुआ है। लोग परेशान हैं। रामगंगा से प्रस्तावित पंपिंग योजना को जल्द बनाकर लोगों को साफ पानी उपलब्ध कराया जाए। - भूपेश पंत, टीम एक कोशिश।
भारी बारिश के कारण योजना में काफी गाद एकत्र हो गई है। गाद हटाने के लिए मजदूर भी मिलने में दिक्कत हुई। अब मजदूर मिल गए हैं, गाद हटाई जा रही है। मंगलवार से क्षेत्र में पानी की सप्लाई सुचारू हो जाएगी। - रूपेश आर्य, जेई जल संस्थान।
खनारपानी में पेयजल की व्यवस्था करने की मांग
खनारपानी के लोगों ने प्रदर्शन कर डीएम को ज्ञापन सौंपा
संवाद न्यूज एजेंसी
पिथौरागढ़। खनपर ग्राम पंचायत के अनुसूचित जाति बस्ती खनारपानी में पेयजल की व्यवस्था करने की मांग के लिए ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि वे लंबे समय से पेयजल की मांग कर रहे हैं लेकिन उनकी मांगों पर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है।
सोमवार को खनारपानी के ग्रामीण राजीव गांधी पंचायत राज संगठन के जगदीश कुमार के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन कर डीएम रीना जोशी को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने कहा कि जल संस्थान ने तोक में रहने वाले पांच परिवारों में से सिर्फ एक परिवार को पेयजल का कनेक्शन दिया है। इसी से वहां के सभी परिवार पानी की व्यवस्था कर रहे हैं।
बताया कि जल जीवन मिशन योजना में पुराने कनेक्शन से तीन कनेक्शन दिए गए लेकिन किसी में भी पानी नहीं आ रहा है और अब वे कनेक्शन बंद कर दिए गए हैं। इस मामले में दोनों विभाग एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उन्होंने शीघ्र पानी उपलब्ध कराने की मांग की। वहां जगदीश राम, रवींद्र कुमार, बलवंत राम, गौरा देवी सहित कई लोग मौजूद रहे।
लाइन क्षतिग्रस्त, पाटी अस्पताल में पानी की किल्लत
पाटी (चंपावत)। पाटी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पानी की किल्लत से मरीजों के साथ ही अस्पताल के कर्मियों को भी दिक्कत झेलनी पड़ रही है। प्रभारी चिकित्साधिकारी आशीष गर्ग ने बताया कि अस्पताल की निजी पेयजल लाइन बारिश से क्षतिग्रस्त हो गई है। वहीं लिफ्ट पेयजल टैंक से 400 मीटर दूर अस्पताल के टैंक तक पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इसके चलते प्रसव और अस्पताल की सेवाओं पर असर पड़ रहा है। उन्होंने विभाग से वैकल्पिक व्यवस्था करने का आग्रह किया गया है। वहीं जल निगम के कनिष्ठ अभियंता महेंद्र सिंह ने बताया कि लाइन की खामी को दो दिन में ठीक कर पेयजल आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी। संवाद