पिथौरागढ़। सड़क के अभाव में बंगापानी तहसील के दारमा गांव निवासी बीमार पूर्व सैनिक को समय से अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका। डोली में उपचार के लिए ले जा रहे पूर्व सैनिक ने रास्ते पर ही दम तोड़ दिया।
पांच लाख की आबादी वाले सीमांत पिथौरागढ़ जिले की तीन लाख की आबादी गांवों में रहती है। ज्यादातर गांव आज भी सड़क और चिकित्सा सुविधा से वंचित हैं। अस्पताल और सड़क के अभाव के कारण आए दिन ग्रामीण डोली या रास्ते पर दम तोड़ देते हैं। इस बार सड़क की कमी का खामियाजा एक पूर्व फौजी को जान देकर चुकाना पड़ा।
एसएसबी से सेवानिवृत्त आलम दारमा निवासी खीम सिंह धामी को न्यूमोनिया की शिकायत थी। हालत बिगड़ने पर परिजन जब उन्हें डोली में बैठाकर अस्पताल ले जाने के लिए बंगापानी को ला रहे थे तो उन्होंने रास्ते पर ही दम तोड़ दिया। पूर्व प्रधान विजय सिंह धामी और प्रधान चंद्र सिंह धामी का कहना कि गांव के लिए पिछले पांच वर्षों से सात किलोमीटर लंबी सड़क की कटिंग का काम चल रहा है, लेकिन अब तक पुल का निर्माण नहीं किया गया है।
पांच साल में सात किलोमीटर सड़क का न बनना घोर लापरवाही है। उनका कहना है कि क्षेत्र में अच्छे अस्पताल नहीं हैं। आपात स्थिति में मरीज को सड़क तक पहुंचाने में एक घंटे से अधिक का समय लग जाता है। सड़क के अभाव में आए दिन इसी तरह से लोग रास्ते में दम तोड़ देते हैं। लोगों ने अब शासन प्रशासन के खिलाफ आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है।