झूलाघाट के मां महेशानी विकास महोत्सव की तीसरी शाम मथुरा के कलाकारों के नाम रही। मथुरा के दल के मयूर नृत्य से लोग मंत्रमुग्ध हो गए। मुख्य अतिथि कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री पिथौरागढ़ के पालिकाध्यक्ष जगत सिंह खाती ने झूलाघाट महोत्सव को दो देशों की संस्कृति का संगम बताया।
श्री राधे फोक ग्रुप के ग्रुप लीडर सतीश कुमार के नेतृत्व में महोत्सव में आए मथुरा के कलाकारों ने मंच पर आते ही धमाल मचा दिया। ‘श्याम के नैना कजरारे, सखी रे मोपे जादू डाला रे के’ गीत पर मयूर नृत्य ने लोगों को रोमांचित कर दिया। लोक गायक विमल टम्टा और टेलेंट ऑफ कुमाऊं कैलाश कुमार के गीतों में लोग खूब झूमे। हास्य कलाकार शिरोमणि पंत ने लोगों को खूब गुदगुदाया।
मुख्य अतिथि पालिकाध्यक्ष जगत सिंह खाती, विशिष्ट अतिथि कांग्रेस नेत्री रेवती जोशी ने दीप जलाकर सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ किया। खाती ने महोत्सव को संस्कृति का संवाहक बताते हुए कहा कि मां महेशानी महोत्सव भारत और नेपाल के लोगों के आपसी सौहार्द को और प्रगाड़ बनाने में मददगार साबित होगा। विशिष्ट अतिथि रेवती जोशी ने महोत्सव को संस्कृति संरक्षण में मददगार बताया। महोत्सव समिति ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। महोत्सव समिति के अध्यक्ष विप्लव भट्ट ने महोत्सव में सहयोग के लिए सभी का आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन उद्घोषक जनार्दन उप्रेती जन्नू दा और शिक्षक सदानंद भटट् ने किया।