झूलाघाट (पिथौरागढ़)। ‘महाकाली को बहने दो, हमें सुरक्षित रहने दो’ नारे के साथ ही पंचेश्वर बांध का विरोध शुरू हो चुका है। माटू जनसंगठन के संयोजक एवं पर्यावरणविद् विमल भाई ने झूलाघाट पहुंचकर यहां के लोगों को बांध से होने वाले नुकसान के बारे में बताया और काले झंडे पकड़कर सरकार के खिलाफ विरोध किया। साथ ही पंचेश्वर बांध को किसी भी हाल में न बनने देने की कसम खाई।
उग्र प्रदर्शनकारियों ने ‘लड़ेंगे तभी जीतेंगे’, ‘विकास चाहिए विनाश नहीं’ नारे भी लगाए। इसी के साथ बांध के विरोध में आंदोलन शुरू किया गया। पर्यावरणविद् विमल भाई ने कहा कि देश में बिजली पर्याप्त है। फिर भी सरकार बड़े विनाशकारी बांधों के निर्माण की तैयारी में है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार सिर्फ लोगों को उजाड़ने की मंशा पालकर चल रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार बांध के बहाने अपनी बड़ी राजनैतिक महत्वाकांक्षा को पूरा करने की तैयारी में है, लेकिन सरकार को इसका गंभीर खामियाजा भोगना होगा। आम लोगों और डूब क्षेत्र में आने वाले गांव के लोगों से उन्होंने अपील की कि बांध के खिलाफ पूरी शक्ति के साथ मैदान में उतरें। साथ ही सरकार को यह परियोजना स्थगित करने के लिए मजबूर करें। प्रदर्शन करने वालों में व्यापार संघ कोषाध्यक्ष दीपक ईजरवाल, बृजेश गड़कोटी, गिरीश पंत, रमेश कलखुड़िया, मोहन राम, उमेश वर्मा, अतुल डिक्टिया, विजय भट्ट, धर्मानंद पंत, सुरेश पंगरिया, राजू भट्ट, राजेंद्र भट्ट आदि थे।