धारचूला (पिथौरागढ़)। शिवरात्रि मेले में शुक्रवार को यहां रं संस्कृति की झलक देखने को मिली। रं समाज की महिलाएं और पुरुष परंपरागत वेशभूषा में सजकर झांकी में शामिल हुए। शिवरात्रि मेला कमेटी कई वर्षों से मेले का आयोजन करती आई है। रं समाज के लोग भगवान शिव की उपासना करते हैं। उनकी पूजा में भगवान शिव को ही प्रमुख स्थान मिलता है। सांस्कृतिक झांकी को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
यहां से 6 किमी दूर तपोवन में रात 2 बजे से ही स्नान एवं पूजा-अर्चना के कार्यक्रम शुरू हो गए। बड़ी संख्या में भक्तों ने इसमें भाग लिया। बाद में मुख्य बाजार में तहसील के पास आयोजित कार्यक्रम में प्रजापति ब्रह्मकुमारी संस्था, विद्यामंदिर धारचूला ने कलश यात्रा निकाली तथा कई आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया।
दोपहर में सांस्कृतिक झांकियों में कुटी, नाबी, रौंकांग, नपलच्यू, गुंजी, गर्ब्यांग, बूंदी, चौदांस, व्यांस नगर के ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में पारंपरिक वेशभूषा में हिस्सा लिया। मुख्य अतिथि वरिष्ठ कांग्रेसी कैलाश रावत, क्षेत्र प्रमुख नेत्र सिंह कुंवर, नगर पालिकाध्यक्ष दशरथी खैर, आइटीबीपी के कमांडेंट आनंद सिंह यर्सो, एसडीएम राजकुमार पांडे आदि उपस्थित थे। मेला कमेटी के महासचिव दीवान पतियाल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया तथा इस मेले के संस्थापक स्व. जवाहर सिंह नबियाल के पत्नी सुधी नबियाल को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया तथा क्षेत्र के शौर्य चक्र विजेता सूबेदार भवान सिंह को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अशोक नबियाल, देवकृष्ण फकयिलाल, राम सिंह ह्यांकी, गुमान सिंह बिष्ट सहित कई लोग उपस्थित थे।