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महाशिवरात्रि पर शिव मंदिरों में उमड़ी भीड़

Fri, 24 Feb 2017 10:23 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
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महाशिवरात्रि पर शिव मंदिरों में उमड़ी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
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महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर कपिलेश्वर, पितरौटा के शिवालय, घंटाकरण, पुराना शिवालय, थलकेदार, नाकोट, शेरादेवल, बड़ाबे के लटेश्वर, सिद्धेश्वर और रई मंदिर में भक्तों की सुबह से ही भीड़ रही।
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पिथौरागढ़ के कपिलेश्वर मंदिर में बृहस्पतिवार को मध्यरात्रि से शिव के जयकारे गूंजने लगे थे। शिव गुफा में विराजमान भगवान शिव के दर्शन के लिए टकौड़ा, टकाड़ी, पौण, भदेलबाड़ा, दाड़िमखोला, सुकौली, बजेटी और सेरा गांव से आए भक्तों की भीड़ जुटी रही।

कपिलेश्वर में तरह-तरह की दुकानें सजी रही। लोग तरह-तरह की चीजें खरीदने में व्यस्त रहे। शेरादेवल मंदिर में भी भक्तों का तांता लगा रहा। भक्तों ने बेर और फूल बेलपत्री से भगवान शिव की पूजा की। शिव मंदिरों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। घंटाकरण के शिवमंदिर और पुराना शिवालय में सुबह तीन बजे से ही महिलाएं बड़ी संख्या में शिव दर्शन के लिए पहुंचने लगी थी। दूध और दही से शिवलिंग को स्नान कराया गया। पुजारी विनोद पांडेय ने बताया कि महाशिवरात्रि का पर्व पर हर भक्त भगवान शिव को प्रसन्न कर मनोकामना पूरी कर लेना चाहता है। 
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अस्कोट। महाशिवरात्रि पर मल्लिकार्जुन महादेव मंदिर में पूजा की गई। पंडित नारायणदत्त पंत ने बताया कि फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को महाशिवरात्रि आती है। माना जाता है कि इस दिन मध्यरात्रि में भगवान शंकर का ब्रह्मा से रुद्र के रूप में अवतरण हुआ था। महाशिवरात्रि को कालरात्रि भी कहा जाता है।  

थल। थल के शिवमंदिर में भक्तों में पूजा-अर्चना की। मंदिर के पुजारी मथुरा दत्त भट्ट ने बताया कि भगवान शिव की पूजा सच्चे मन से की जाए तो भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और मनोकामना पूरी करते हैं। मंदिर कमेटी की ओर से भव्य मेले का आयोजन किया गया। जलेबी, चाउमीन, पकौड़ी, मिठाई और कपड़ों की दुकानों पर खरीददारों की जमकर भीड़ लगी रही। 

बेड़ीनाग। बेड़ीनाग के गुप्तेश्वर और पुंकेश्वर मंदिर में भक्त तमाम तरह से भगवान शिव को प्रसन्न करने में लगे रहे। इन मंदिरों में रात में भंडारे और भजनों का आयोजन किया गया। 
गंगोलीहाट। गंगोलीहाट के महाकाली मंदिर, चामुंडा, शीतलादेवी, मुक्तेश्वर, मड़केश्वर, पातालभुवनेश्वर, रामेश्वरम मंदिरों में सुबह चार बजे से ही भक्तों की भीड़ लगने लगी थी। 

झूलाघाट। झूलाघाट के तालेश्वर मंदिर में नेपाल और भारत के भक्तों ने विधि-विधान से शिव पूजा की। तमाम तरह के पकवान भगवान को भोग लगाए गए। भगवान शिव को बेल पत्री, दूध, दही और शहद के मिश्रण से स्नान कराया गया। महाशिवरात्रि में यहां पर विशेष पूजन किया जाता है। सीमावर्ती इलाका होने की वजह से तालेश्वर मंदिर में नेपाल और भारत के भक्त मिलकर पूजा करते हैं। 
डीडीहाट। डीडीहाट के मलयनाथ मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं ने माथा टेका। नगर के शिव मंदिर में भी भक्तों की भीड़ रही। शिवभक्तों ने जगह-जगह भंडारों का आयोजन किया। 
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