जौलजीबी मेला और विकास प्रदर्शनी में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। मेले की पहली शाम कला दर्पण मंच के कलाकारों के नाम रही। कलाकारों की प्रस्तुति से पंडाल में बैठे दर्शक भी थिरक उठे।
बुधवार रात सांस्कृतिक कार्यक्रमों के मुख्य अतिथि प्रभारी तहसीलदार विपिन चंद मुदगली थे। उन्होंने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कला दर्पण मंच के टीम लीडर भूपेंद्र बिष्ट ने नेतृत्व में सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। वंदना पूरब उज्याओ हैगो.. से सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू हुए। इसके बाद कलाकारों ने पारी गौं की सुनीता.., पाना पनूली चकोरा, तिलै धारु बोला आदि गीत प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम में प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार एमडी अवस्थी, पेशकार खीमानंद भट्ट, बीडीसी सदस्य, जानकी बुर्फाल, घनश्याम पैंतोला, सुरेश धामी, सहायक खाद्य निरीक्षक कृष्ण सिंह कुंवर आदि थे। बृहस्पतिवार सुबह नौ बजे स्वच्छ भारत निर्मल भारत दौड़ हुई। दिन में स्कूली बच्चों की विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। राइंका धारचूला, रं कमेटी और गायत्री विद्या मंदिर धारचूला के बच्चों के कार्यक्रम हुए।
केएमवीएन ने 150 बच्चों को कराई रिवर राफ्टिंग
जौलजीबी। जौलजीबी मेला एवं विकास प्रदर्शनी के अवसर पर काली नदी में कुमाऊं मंडल विकास निगम की ओर से रिवर राफ्टिंग कराई जा रही है। बृहस्पतिवार को विकासखंड के विभिन्न स्कूलों के 150 बच्चों को रिवर राफ्टिंग कराई गई। केएमवीएन के प्रबंधक दिनेश गुरुरानी ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी काली नदी में बच्चों और युवाओं को रिवर राफ्टिंग कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि रिवर राफ्टिंग आपदा के समय खोज एवं राहत बचाव में लाभकारी होता है।
मेले में पहुंचने लगे हैं खरीदार
जौलजीबी। बुधवार से शुरू हुए ऐतिहासिक और व्यापारिक जौलजीबी मेले में खरीदार पहुंचने शुरू हो गए हैं। मेले में ऊनी और हस्तशिल्प की दुकानें आकर्षण का केंद्र बनी हैं। इस मेले में तिब्बत में निर्मित सामान की भी काफी मांग रहती है। भारत-चीन व्यापार से लौटे व्यापारियों ने आयात किए सामान को दुुकानों में सजाया है। बृहस्पतिवार को आसपास के क्षेत्रों के साथ ही जिला मुख्यालय से भी मेलार्थी पहुंचे। अगले तीन-चार दिनों में खरीदारी के लिए पहुंचने वाले मेलार्थियों की संख्या में इजाफा होगा।