मुनस्यारी(पिथौरागढ़)। मल्ला जोहार के सुमतू नाले में बना काठ का पुल बहने से चार गांवों के ग्रामीणों के साथ ही भेड़पालकों की दिक्कत बढ़ गई है। बुर्फू, टोला, सुमतू और खिलांच के ग्रामीण एक बल्ली के सहारे उफनते नाले को जान जोखिम में डालकर पार करने के लिए मजबूर हैं। पुल टूटने से कई भेड़पालकों के लिए भेड़ों के साथ उफनते नाले को पार करना मुश्किल है और वे वहीं फंसे हैं।
सुमतू नाले को पार करने के लिए लकड़ी का पुल ही एकमात्र जरिया था। बीते दिनों हुई बारिश में यह पुल नाले में बह गया। ग्रामीण को बल्ली के सहारे जान जोखिम में डालकर नाले को पार कर रहे हैं लेकिन भेड़पालकों के लिए भेड़ों के साथ ऐसा करना मुश्किल है। ऐसे में भेड़पालक छिपलाकेदार, बृजगंगा सहित अन्य बुग्यालों में नहीं जा पा रहे हैं। इन हालात में भेड़ों के लिए भी भोजन का संकट पैदा हो गया है।
जिला पंचायत सदस्य भावना दानू ने बताया कि यदि सुमतू नाले में पुल नहीं बना तो कभी भी बड़ी घटना हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से जल्द पुल निर्माण की मांग कर फंसे भेड़पालकों को निकालने की मांग की है।
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राजस्व कर्मियों को शीघ्र सुमतू पहुंचकर निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश जारी किए गए हैं। जल्द ही पुल निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
-खुशबू पांडे, एसडीएम, मुनस्यारी