पूर्णागिरि/टनकपुर(चंपावत)। शारदीय नवरात्र के पहली नवरात्र पर शक्तिपीठ मां पूर्णागिरि धाम में करीब 15 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में शीश नवाए। इससे टनकपुर से लेकर ठूलीगाड़, भैरव मंदिर, मुख्य मंदिर तक मां के जयकारों से माहौल भक्ति में डूबा रहा। मां के दर्शन के बाद श्रद्धालु शारदा घाट होकर नेपाल के ब्रह्मदेव मंडी स्थित बाबा सिद्धनाथ के दर्शन को जाते रहे।
शारदीय नवरात्र की पूर्व संध्या से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था। रविवार की सुबह से ही श्रद्धालुओं का टनकपुर होकर आगे रैला आगे बढ़ना तेज हो गया। मंदिर समिति अध्यक्ष किशन तिवारी ने बताया कि सुबह से दोपहर दो बजे तक मुख्य मंदिर में श्रद्धालुओं की लंबी लंबी कतार लगती रही। काली मंदिर से मुख्य मंदिर तक समिति की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न व्यवस्थाएं की गई हैं और स्वयंसेवक सुबह से ही तैनात रहे।
मंदिर में 24 घंटे दर्शन की समिति की ओर से व्यवस्था जारी है। इधर, ठूलीगाड़, नगर के शारदा घाट मार्ग, टैक्सी स्टैंड, रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस स्टेशन में भी सुबह के समय खासी गहमा गहमी रही। सुबह शारदा घाट रोड पर श्रद्धालुओं के वाहनों की लंबी-लंबी कतार लगती रही। शारदा बैराज मार्ग पर दिन भर गहमा गहमी रही। एसडीएम विनोद कुमार ने ठूलीगाड़ से भैरव मंदिर और भैरव मंदिर से आगे तहसीलदार पिंकी आर्या ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया।