पिथौरागढ़ सोरवैली स्कूल में शहीद भगत सिंह को याद करते विद्यार्थी।
शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस पर लोगों ने देश को आजादी दिलाने वाले रणबांकुरों को याद किया।
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय पिथौरागढ़ में हिंदी परिषद ने श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया। वक्ताओं ने कहा भगत सिंह और अन्य सेनानियों ने अपना जीवन देश की आजादी के लिए समर्पित कर दिया। सरदार भगत सिंह ने राष्ट्रीय क्रांतिकारी संगठनों को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। प्राचार्य डीएस पांगती ने कहा कि भगत सिंह आजादी का उद्देश्य जन कल्याण मानते थे। डा. नरेश तिवारी, जया राणा, डा. मनीषा पांडे, हिंदी परिषद की अध्यक्ष ज्योति खोलिया, उपाध्यक्ष सावित्री आदि ने विचार रखे।
सोरवैली सीनियर सेकेंड्री स्कूल में हुई गोष्ठी में डॉ. तारा सिंह ने स्वाधीनता सेनानियों और क्रांतिकारियों को याद करते हुए कहा कि इन्हीं के कारण आज हम आजाद भारत में खुली सांस ले पा रहे हैं। प्रधानाचार्य लीला जोशी ने कहा युवा पीढ़ी को भगत सिंह के आदर्शों को अपनाना पड़ेगा। ललित पाटनी, रश्मि उप्रेती, दीपक बिष्ट, संजीव जोशी, प्रियंका चंद आदि मौजूद थे। सरस्वती बालिका विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्या रेखा जोशी की अध्यक्षता में शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को बलिदान दिवस पर याद किया गया। कहा कि शहीदों की उम्मीदों को पूरा करने में योगदान देना सभी देशवासियों का पहला कर्तव्य है।