धारचूला (पिथौरागढ़)। सीमांत की निचली घाटी में जहां लोग गर्मी से बेहाल हैं वहीं दारमा और व्यास घाटी के गांवों में ग्रामीणों के साथ ही आदि कैलाश और पंचाचूली ग्लेशियर आने वाले यात्रियों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। ठंड से बचने के लिए ग्रामीण और यात्रियों को गर्म कपड़े, जैकेट पहनने पड़ रहे हैं।
दारमा घाटी के 14 गांव और व्यास के सात गांव 10,500 से 15,000 फुट की ऊंचाई पर स्थित हैं। इन जगहों पर तापमान सुबह के समय माइनस 2-3 डिग्री रह रहा है। दिन के समय तापमान बढ़कर पांच-छह डिग्री और रात को माइनस 8 डिग्री सेल्सियस तक रहता है।
दारमा घाटी में पंचाचूली ग्लेशियर को देखने के लिए पर्यटक बड़ी तादाद में पहुंच रहे हैं। इससे होम स्टे संचालक, वाहन चालक भी काफी खुश नजर आ रहे हैं। होम स्टे संचालक जमन दताल, भूपेश दताल, पानू दताल, महेश दताल, मनोज दताल ने बताया कि इस सीजन में अब तक चार हजार से अधिक पर्यटक पंचाचूली के दर्शन कर वापस जा चुके हैं।
कोलकाता से भरत अग्रवाल के नेतृत्व में आए 33 लोगों की टीम ने दारमा घाटी के प्राकृतिक सौंदर्य की खूब सराहना की। उन्होंने कहा कि वह वापस कोलकाता पहुंच कर अन्य साथियों और रिश्तेदारों को भी पंचाचूली दर्शन के लिए प्रोत्साहित करेंगे। संवाद
बूंदाबांदी से मौसम हुआ सुहावना
पिथौरागढ़। रविवार को सुबह धूप रही। दोपहर बाद आसमान में बादल घिर आए। शाम पांच बजे मुवानी घाटी क्षेत्र, गंगोलीहाट, डीडीहाट, धारचूला आदि स्थानों पर तेज बारिश हुई। जिला मुख्यालय सहित अन्य हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी हुई। सीमांत जिले में मौसम के करवट बदलने और हल्की बूंदाबांदी होने से लोगों की गर्मी से निजात मिली। ठंडी हवाएं चलने और बूंदाबांदी होने से मौसम सुहावना हो गया है। संवाद