पिथौरागढ़। कोविड-19 के बाद घर लौटे प्रवासियों को रोजगार एवं स्वरोजगार दिलाने के लिए जिले में गूूगल फार्म के माध्यम से 11991 प्रवासियों का सर्वे किया गया। इसमें से 7433 प्रवासियों ने स्वरोजगार इच्छा जताई है जबकि 2777 प्रवासियों को सरकार की विभिन्न स्वरोजगारपरक योजनाओं के माध्यम से रोजगार दिया है।
कोरोना काल में विभिन्न शहरों में रोजगार करने वाले हजारों युवाओं को अपने घरों को लौटना पड़ा था। शासन के निर्देश पर इन युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार से जोड़ने के लिए कवायद की जा रही है। जिले में मनरेगा योजना में भी 4507 प्रवासियों को पंजीकृत किया गया है। इनमें से 2832 प्रवासियों को काम दिलाकर 78.50 लाख का रोजगार दिलाया जा चुका है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में 308 आवेदनों का चयन जिला स्तरीय समिति की ओर से अनुमोदित कर 236 आवेदनों को संबंधित बैंकों को प्रेषित किया जा चुका है। इसमें 18 आवेदनों को वित्त पोषित किया गया है। रोजगार बंद होने के बाद घरों को वापस लौटे तमाम बेरोजगार युवा ऋण लेकर स्वरोजगार भी कर रहे हैं। सरकार की मंशा भी प्रवासियों को यहीं पर रोककर रोजगार दिलाने की है ताकि रिवर्स पलायन से खाली होते जा रहे गांव फिर से आबाद हो सकें। डीडीओ गोपाल गिरी ने बताया कि इच्छुक प्रवासियों को मनरेगा योजना के माध्यम से भी रोजगार दिलाया जा रहा है।