पिथौरागढ़। सेरा गांव के खाल से जयकारों के बीच ढोल-नगाड़ों की धुन पर मां उल्का देवी का डोला उठा। इस दौरान देव डांगरों ने अवतरित होकर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। डोला देर शाम मां उल्का देवी के परिसर में पहुंचा। इस दौरान सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।
चैत्र नवरात्र की दशमी के दिन सेरा गांव के खाल में धुनी (अग्नि) के बीच देवतारी हुई। पुजारी रामा पुनेठा, कंचन पुनेठा ने विधि-विधान के साथ पूजा कराई। भूमिया देवता कविंद्र मेहता ने आह्वान कर मां उल्का के डंगरिया अशोक मेहता, भवानी के डंगरिया कपिल मेहता, मां काली के डंगरिया मंटू मेहता और वीर धर्मेंद्र, डिंपी को अवतरित किया।
देव डांगरों ने श्रद्धालुुओं को सुख-समृद्धि के साथ क्षेत्र की खुशहाली का आशीर्वाद दिया। मां भगवती, मां उल्का, मां कालिका के जयघोष और दमाऊं, भौंकर की धुन के बीच डोले ने धुनी की परिक्रमा की। इसके बाद डोला सेरा गांव से मां उल्का देवी मंदिर के लिए रवाना हुआ। इस मौके रविंद्र मेहता, गजेंद्र मेहता, भरत सिंह, कुंदन मेहता, खुशाल सिंह, महेंद्र मेहता, विरेंद्र बोहरा, राकेश देवलाल, पालिकाध्यक्ष राजेंद्र रावत, सभासद किशन खड़ायत आदि मौजूद थे।