पिथौरागढ़। सीमांत क्षेत्र के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए वन विभाग ने कार्ययोजना तैयार कर ली है। धारचूला की दारमा घाटी में पर्यटकों के विश्राम के लिए 10 मड हट्स (मिट्टी की झोपड़ियां) बनाए जाएंगे। साथ ही मुनस्यारी के 10 गांवों को आधुनिक टैंट विलेज बनाया जाएगा। उम्मीद है कि कुछ महीनों के बाद जिले में आने वाले पर्यटकों को सीमांत क्षेत्रों में बेहतरीन सुविधा मिलेंगी।
प्रभागीय वनाधिकारी जीवन मोहन दगाड़े ने बताया कि मुनस्यारी के हरकोट वन पंचायत को स्कीइंग के लिए विकसित किया जाएगा। खलिया में गेट का सौंदर्यीकरण और ईको पार्क पातलथौड़ में बच्चों के लिए पार्क बनाया जाएगा। मुनस्यारी में लीलम, बुर्फू समेत दस गांव आधुनिक टैंट विलेज के लिए चयनित किए जा रहे हैं। प्रत्येक गांव में 15-15 टैंट लगाए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि पर्यटकों को इन गांवों की ओर आकर्षित करने के लिए प्रचार-प्रसार किया जाएगा। साथ ही ग्रामीणों को पर्यटकों का स्वागत, उनके साथ कैसा व्यवहार करें इसका भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। पर्यटकों को वर्ड वाचिंग भी कराई जाएगी।
विकसित होंगे ट्रैकिंग रूट
पिथौरागढ़। मुनस्यारी के थामरी कुंड-खलियाटॉप, कनार से छिपलाकेदार, बड़ाबे से थलकेदार जाने के लिए ट्रैकिंग रूट विकसित किए जाएंगे। गलाती फार्म को पैराग्लाइडिंग के लिए विकसित किया जाएगा। विर्थी झरने के पास रॉक क्लाइंबिंग बनाई जाएगी। साथ ही यहां कैक्टस गार्डन भी बनेगा। गलाती फार्म में मेडिटेशन सेंटर बनेगा। संवाद
40 वन पंचायतों में लगेगी औषधीय पौधों की नर्सरी
पिथौरागढ़। प्रभागीय वनाधिकारी दगाड़े ने बताया कि दारमा, चौदास, व्यास और जोहार घाटी के 40 वन पंचायतों में औषधीय पौधों की नर्सरी विकसित करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। मुनस्यारी के लीलम और धारचूला के दुग्तू या दर में प्रोसेसिंग यूनिट भी लगाई जाएगी। विण और मूनाकेेट ब्लॉक में शिलाजीत एकत्र करने के लिए करीब 10 वन पंचायतों का चयन किया जा रहा है। इन स्थानों पर युवाओं को शिलाजीत एकत्र करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। बाद में एकत्र शिलाजीत को हिलांस या अन्य कंपनी से अनुबंध कर बाजार मुहैया कराया जाएगा। संवाद
पिछले वर्ष दारमा घाटी में आए थे सात हजार पर्यटक
धारचूला (पिथौरागढ़)। दारमा घाटी स्थित दांतू के होम स्टे संचालक संजय सिंह एवं गुड्डू दताल ने बताया कि तीन साल पहले सड़क सुविधा मिलने के बाद से पंचाचूली ग्लेशियर और अन्य पर्यटन स्थलों को देखने के लिए पर्यटकों की संख्या में इजाफा हो रहा है। बताया कि पिछले वर्ष सात हजार से अधिक पर्यटक क्षेत्र में आए। उनका कहना है कि दारमा घाटी के उच्च हिमालयी माइग्रेशन गांवों में मूलभूत सुविधाएं विकसित की जाएं तो पर्यटकों की संख्या में काफी इजाफा होगा। संवाद