मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। पर्यटन नगरी में खराब मौसम के बीच मुनस्यारी महोत्सव में जोहार संस्कृति की झलक देखने को मिल रही है। हालांकि बारिश के चलते बृहस्पतिवार की रात सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं हुए।
शुक्रवार को मुख्य अतिथि नीरज ह्यांकी ने कार्यक्रमों का शुभारंभ करते हुए कहा कि कोरोना के बाद पर्यटन नगरी का कारोबार ठप था। इस तरह के आयोजन से कारोबार के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
शुक्रवार को दिन में जोहार मैदान में अल्मोड़ा सांस्कृतिक दल, धारचूला, विद्या मंदिर, सर्वोदय पब्लिक स्कूल की टीमों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। महोत्सव समिति के अध्यक्ष राजू पांगती ने दर्शकों से महोत्सव के सफलतापूर्वक संचालन के लिए सहयोग की अपील की है।
महोत्सव में लोग कर रहे खरीदारी
मुनस्यारी। मुनस्यारी महोत्सव में ठंड के बाद भी लोगों की भीड़ है। लोग महोत्सव में लगे विभिन्न स्टालों से अपने लिए जरूरत के हिसाब से सामान खरीदार व्यापारियों की जेब गरम कर रहे हैं। लोगों ने कहा महोत्सव में अक्सर अच्छे दामों पर सामान मिल जाता है।
फौजी ललित मोहन जोशी के सुरों पर थिरके लोग
गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। दशाईथल महोत्सव की दूसरी शाम फौजी ललित मोहन जोशी और देवभूमि मां शारदे लोक कला समिति अल्मोड़ा के कलाकारों के नाम रही। स्थानीय कलाकारों और स्कूली बच्चों ने भी अपने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए। महोत्सव में फौजी ललित मोहन जोशी ने टक टका टक कमला बाटुली लगाए और नैनीताल की मधुली हिट मेरा दगड़ा आदि गाने प्रस्तुत कर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
संगीता सोनाल अल्मोड़ा की कलाकार ने भी अपनी शानदार प्रस्तुति दी। ठंड के बावजूद दर्शक देर रात तक जमे रहे। समिति के अध्यक्ष आदित्य मेहरा ने बताया कि बच्चों के लिए विभिन्न प्रकार के झूले, गर्म कपड़ों की दुकानें और क्रोकरी की दुकानें लगाई गई हैं, जहां लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं। वहां आदित्य मेहरा, लक्ष्मण सिंह, अमर सिंह मेहरा, पंकज कुमार मौजूद रहे।