पिथौरागढ़ में जिला योजना की समीक्षा बैठक में मौजूद अधिकारी
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जिलाधिकारी डा. रंजीत सिन्हा ने बुधवार को जिला योजना की समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि लोनिवि, वन, लघु सिंचाई, लघु डाल, स्वास्थ्य, समाज कल्याण और पर्यटन विभाग ने अब तक 50 फीसदी से कम धनराशि खर्च की है। सभी विभागों को 31 मार्च तक धन खर्च करने के निर्देश दिए। डीएम ने बैठक से गैरहाजिर रहने पर जल संस्थान के अधीक्षण अभियंता एसके मिश्रा और लोनिवि डीडीहाट के अधिशासी अभियंता पीसी जोशी का वेतन रोकने का आदेश दिया। साथ ही दोनों के खिलाफ प्रतिकूल प्रवृष्टि के लिए शासन को लिखा जाएगा।
डीएम ने कहा कि वन विभाग और जिला पंचायत की ओर से अब भी मजदूरों को नकद भुगतान किया जा रहा है, जो गलत है। भविष्य में सारा भुगतान संबंधित मजदूर या अन्य कर्मचारी के खाते में किया जाए। भूमि हस्तांतरण की रजिस्ट्री का शुल्क भी ड्राफ्ट या चालान के माध्यम से करने को कहा। रजिस्ट्री का शुल्क किसी भी दशा में नकद न लिया जाए। डीएम ने कहा कि पेयजल किल्लत वाले गांवों के लिए स्थायी योजनाओं को तैयार किया जाए, ताकि समस्या का समाधान हो सके।
बैठक में जानकारी दी गई कि पिछले साल की जिला योजना 61 करोड़ दो लाख रुपए की थी। इसमें से शासन ने 33 करोड़ 50 लाख रुपए अवमुक्त किए। अब तक इस राशि में से 24 करोड़ 36 लाख रुपए खर्च कर लिए गए हैं। बैठक में सीडीओ आशीष चौहान, एडीएम मोहम्मद नासिर, मुख्य कोषाधिकारी बीपी कांडपाल, डीडीओ गोपाल गिरी, विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
31 मार्च तक सभी के आधारकार्ड बनाएं
जिलाधिकारी डा. रंजीत सिन्हा ने कहा कि जिन लोगों के आधार कार्ड अब तक नहीं बने हैं, उनके 31 मार्च तक अभियान चलाकर बना लिया जाए। एडीएम को निर्देश दिए कि वह तहसील स्तर पर जाकर देखें कि कितने लोग आधार कार्ड बनाने से वंचित रह गए हैं। निजी एजेंसियों और कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से यह आधार कार्ड बनाए जाएंगे। यदि किसी आधारकार्ड में कोई गलती है तो उसे तत्काल ठीक कर लिया जाएगा। आधारकार्ड की त्रुटि को सुधारने के लिए 50 रुपए शुल्क तय है। यदि कोई ज्यादा शुल्क लेगा तो उसका पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा।