जर्जर हाल कमरे में बैठकर पढ़ते बजानी स्कूल के बच्चे
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प्राथमिक विद्यालय और जूनियर हाईस्कूल बजानी के भवनों की हालत बेहद जर्जर है। ग्रामीण लंबे समय से विद्यालय भवनों की दशा सुधारने की मांग उठाते आ रहे हैं, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए हैं।
धारचूला विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय में 22 और जूनियर हाईस्कूल बजानी में 20 बच्चे पढ़ते हैं। दोनों स्कूलों में पांच शिक्षक नियुक्त किए गए हैं, लेकिन इन दोनों विद्यालय भवनों की स्थिति काफी जर्जर हो चुकी है। बजानी के सामाजिक कार्यकर्ता कृष्ण सिंह कुंवर ने बताया कि दोनों विद्यालयों की छत और दीवारें कभी भी गिर सकती हैं। हल्की बारिश में ही विद्यालयों में छुट्टी करनी पड़ती है।
बारिश का पानी कक्षों में गिरता है। अभिभावक बरसात में बच्चों को स्कूल भेजने से भी डरते हैं। कुंवर ने बताया कि वर्ष 2011 से ग्रामीण स्कूल भवनों की दशा सुधारने की मांग लगातार उठाते आ रहे हैं। वर्ष 2013 में धन स्वीकृत भी हुआ। कभी कार्य करने के लिए ठेकेदार तैयार नहीं हुआ तो कभी वर्क आर्डर नहीं मिले। उन्होंने आशंका जताई कि यदि दोनों विद्यालयों की सुध नहीं ली गई तो कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है।
स्कूलों की दशा सुधारने का प्रयास किया जा रहा है। बजानी के दोनों विद्यालयों के प्रस्ताव आपदा या अन्य मद में बनाए जाएंगे।
-डॉ. अशोक कुमार गुंसाई, जिला शिक्षाधिकारी, पिथौरागढ़